पाकुड़: रामनवमी के पावन अवसर को लेकर पूरे पाकुड़ जिले में उत्साह का माहौल है. शहर से लेकर गांव तक हर जगह इस पर्व की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं. मंदिरों को सजाया जा रहा है, सड़कों पर केसरिया झंडों की सजावट हो रही है और लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.

जिलेभर में दिख रहा उत्सव का रंग
रामनवमी को लेकर बाजार, गलियां और मुख्य सड़कें पूरी तरह केसरिया रंग में रंग चुकी हैं. जगह-जगह झंडे, बैनर और धार्मिक पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है. लोग अपने-अपने स्तर पर इस पर्व को खास बनाने में जुटे हुए हैं.
27 मार्च को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
27 मार्च को शहर के विभिन्न हिस्सों से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी. इस शोभायात्रा में विशाल महावीरी झंडे, गाजे-बाजे और पारंपरिक अंदाज में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया जाएगा. इसमें बड़ी संख्या में युवा भाग लेंगे और पूरे जोश के साथ अपनी भागीदारी निभाएंगे.
श्रद्धालुओं के लिए लगाए जाएंगे शिविर
जुलूस में शामिल लोगों की सुविधा के लिए कई स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में पानी, प्राथमिक उपचार और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े.
झांकियों की तैयारी शुरू
रामनवमी के अवसर पर आकर्षक झांकियों की भी तैयारी शुरू कर दी गई है. इन झांकियों के माध्यम से भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगी.
Read Also: अनगड़ा डीमरा स्कूल में ‘कल्चर कनेक्ट’, बच्चों ने दिखाया सांस्कृतिक उत्साह
महिलाओं की भी रहेगी सक्रिय भागीदारी
अखाड़ा समितियों की ओर से निकाले जाने वाले जुलूस में महिलाओं की भागीदारी भी काफी देखने को मिलेगी. महिलाएं भवानी के रूप में सजी-धजी पूरे उत्साह के साथ जुलूस में शामिल होंगी, जो इस आयोजन को और भी खास बना देगा.
मंदिरों की सजावट और भजन-कीर्तन
जिले के हनुमान मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से मंदिरों की सुंदरता बढ़ाई जा रही है. साथ ही कई मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे भक्तिमय वातावरण और भी गहरा हो गया है.
Read Also: गढ़वा: महावीर पताका जुलूस पर तनाव, देर रात तक विवाद और नारेबाजी
प्रशासन की निगरानी में अंतिम तैयारियां
प्रशासन के निर्देशानुसार सभी समितियां अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं. सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके.
