Ranchi: भ्रष्टाचार का चेहरा अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों और छोटे-छोटे कामों में टैक्स की तरह घुस चुका है. घूसखोरी की रेस में राजस्व विभाग ने अन्य सभी विभागों को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है. एसीबी की कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि सिस्टम में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार की जड़ें जमी हुई हैं. जिला खनन कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कर्मचारी महज 2,000 रुपये जैसी मामूली रकम के लिए अपना ईमान बेच रहे हैं.
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राजस्व विभाग बना करप्शन हब
राजस्व एवं अंचल विभाग करप्शन के मामले में टॉप पर है. पिछले एक साल में इस विभाग के 7 कर्मियों की गिरफ्तारी हुई, जो राज्य में सर्वाधिक है. दूसरे नंबर पर पंचायती राज विभाग है, इसमें पांच अनियमितता के मामले आए. तीसरे नंबर पर चार मामलों के साथ ग्रामीण विकास विभाग रहा. यहां मनरेगा और निर्माण कार्यों के बिल पास कराने के नाम पर सबसे ज्यादा खेल हो रहा है. वहीं पुलिस विभाग चौथे नंबर पर है. केस मैनेजमेंट और जब्ती के नाम पर 3 कर्मी रिश्वत लेते पकड़े गए.
अब तक गिरफ्तारी और ट्रैप के आंकड़े
• पिछले एक साल 2025 में लगभग 30 मामलों में सरकारी सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया.
• 2026 के शुरुआती ढाई महीनों के भीतर ही 8 सफल ट्रैप किए जा चुके हैं.
• राज्य में हर साल औसतन 30 से 35 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार के मामलों में सलाखों के पीछे पहुंच रहे हैं.
