Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

सरकार और देवेंद्रनाथ महतो गुट के प्रतिनिधिमंडल के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता हुई खत्म, नहीं निकला कोई नतीजा, आंदोलन रहेगा जारी

Ranchi : रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच (देवेंद्रनाथ महतो गुट) के 8 सदस्य छात्र...

Ranchi : रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच (देवेंद्रनाथ महतो गुट) के 8 सदस्य छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल की वार्ता खत्म हो गया. हालांकि इस वार्ता का एक बार फिर से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. जिस वजह से जयपाल सिंह स्टेडियम में जेएलकेएम का आंदोलन जारी रहेगा.

सरकार के तरफ से एक जीमेल साझा किया गया हैं:

Jpsc.jssc.feedback@gmail.com नाम से जीमेल सरकार की तरफ से सबके समक्ष साझा किया गया है ताकि जो छात्र दूर दराज से रांची नहीं आ पा रहे हैं वह अपने शिकायत और तमाम जो सुझाव है वह इस जीमेल पर साझा कर सकें

मंत्री और प्रतिनिधमंडल के साथ हुई वार्ता:

सरकार के तरफ से प्रतिनिधि मंडल में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय कुमार यादव शामिल हुए, वहीं छात्र गुट से दीनबंधु मंडल, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, बिमल कुमार, प्रेम कुमार, रविशंकर, अमित कुमार शर्मा, रामावतार महतो शामिल है. इससे पहले शुक्रवार को भी सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन कर रहे दूसरे गुट के छात्रों प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की थी लेकिन उस बातचीत में कोई ठोस हल नहीं निकला है. हालांकि, बातचीत के सभी विकल्प अभी भी खुले हुए हैं. आज जिस गुट की सरकार से बातचीत होनी है इन छात्रों के समर्थन में जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल में हैं.

प्रदर्शनकारियों की पांच प्रमुख मांगें:

– सीबीआई और ईडी जांच: 14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली की जांच केवल सीआईडी से न कराकर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से कराई जाए, क्योंकि अभ्यर्थियों को केवल सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है.

– फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: मामले के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए, जिससे तय समय सीमा के भीतर सुनवाई पूरी कर न्याय मिल सके.

– टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द हों: विवादित एजेंसी ‘टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’  द्वारा आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए.

– एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करना: टीडीपीएल कंपनी को काली सूची  में डाला जाए और भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाएं जैसी पारदर्शी और भरोसेमंद कंपनियों के माध्यम से कराई जाएं.

– दागी अधिकारियों पर कार्रवाई: जेपीएससी और जेएसएससी के उन सभी अधिकारियों को तुरंत पद से हटाया जाए जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, तथा उनकी जगह साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जाए.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *