रांची: झारखंड कैडर के आईएएस संवर्ग के एक महत्वपूर्ण अध्याय का कल समापन हो गया. राज्य के कुशल प्रशासकों में शुमार, 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शैलेश कुमार सिंह 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गए. केंद्र से लेकर राज्य तक विकास की नीतियों को जमीन पर उतारने वाले श्री सिंह ने अपने करीब साढ़े तीन दशकों के करियर में शासन और प्रशासन पर अमिट छाप छोड़ी है.
जमशेदपुर से दिल्ली तक का सफर
शैलेश कुमार सिंह का सफर केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहा. वर्ष 2000 में जब झारखंड एक नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया, तब उन्होंने जमशेदपुर के उपायुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद हजारीबाग और देवघर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी उन्होंने उपायुक्त (डीसी) के तौर पर अपनी प्रशासनिक दक्षता का लोहा मनवाया.
कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली
उन्होंने उद्योग निदेशक के रूप में राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूती दी. इसके अलावा नगर विकास और आईटी विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य किया. वे राज्यपाल के प्रधान सचिव और उच्च शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे.
वर्ष 2022 से वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में सचिव के रूप में देशभर की ग्रामीण योजनाओं का नेतृत्व कर रहे थे.
