रांची: रांची नगर निगम ने अपनी आय बढ़ाने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार कर लिया है. नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में साफ संदेश दिया गया, कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में किसी भी तरह की ढिलाई या राजस्व हानि अब बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी. निगम के सभी प्रमुख राजस्व स्रोत जैसे होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स, विज्ञापन शुल्क और दुकान किराया पर विशेष फोकस करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना बनाकर तय समय सीमा में वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
शुरू किया जाएगा टैक्स कलेक्शन अभियान
नगर निगम 11 अप्रैल से बड़े स्तर पर टैक्स कलेक्शन अभियान शुरू करने जा रहा है, जिसमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा. नागरिकों को ऑनलाइन भुगतान, जन सुविधा केंद्र और व्हाट्सएप चैटबॉट के जरिए टैक्स जमा करने की सुविधा मिलेगी. खास बात यह है कि पहली तिमाही में 10% तक की छूट का लाभ भी दिया जाएगा. अप्रैल महीने में मेगा कलेक्शन ड्राइव चलाकर अधिकतम राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही हर वार्ड में कैंप लगाकर री-असेसमेंट और टैक्स वसूली को तेज किया जाएगा.
जल कर वसूली को लेकर भी सख्ती
नगर आयुक्त ने टेक्नोलॉजी के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि निगम की वेबसाइट, स्मार्ट रांची ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ाई जाएगी. वहीं राजस्व रिसाव रोकने के लिए नए निर्माणाधीन भवनों और अंडर-असेस्ड प्रॉपर्टीज की पहचान कर तेजी से असेसमेंट करने के निर्देश दिए गए हैं. अवैध जल कनेक्शन पर सख्त कार्रवाई और जल कर वसूली को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी, साथ ही लोगों को स्वेच्छा से भुगतान के लिए जागरूक किया जाएगा.
बाजार शाखा को लेकर भी नगर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है. पार्किंग शुल्क, विज्ञापन शुल्क और दुकान किराया जैसे प्रमुख स्रोतों पर विशेष निगरानी रखने, अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने और बकाया वसूली तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. शहर में अवैध विज्ञापनों को हटाने, होर्डिंग्स की नंबरिंग करने और पार्किंग स्थलों पर अवैध वसूली रोकने के लिए सीसीटीवी लगाने की भी योजना बनाई गई है.
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