Palamu: जपला में अवैध रूप से संचालित एक निजी अस्पताल पर प्रशासन ने छापेमारी कर गंभीर अनियमितताएं पाई. अस्पताल बिना पंजीकरण के चल रहा था, आवश्यक मेडिकल उपकरण और सुविधाएं भी नदारद थीं. जांच के बाद प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एस के रवि ने पुष्टि की है.
निरीक्षण में कई गंभीर खामियां उजागर
पलामू जिले के हुसैनाबाद स्थित सिद्धनाथ नगर नबीनगर रोड में संचालित मां चिल्ड्रेन अस्पताल पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पलामू के निर्देश पर संयुक्त टीम द्वारा अस्पताल का निरीक्षण किया गया. टीम में अंचलाधिकारी पंकज कुमार, अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद के उपाधीक्षक डॉ संजय कुमार रवि तथा हुसैनाबाद थाना के सब इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह शामिल थे.
सुरक्षा और उपकरणों का अभाव
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल बिना किसी पंजीकरण के संचालित हो रहा था. बायोमेडिकल और फायर सेफ्टी से संबंधित कोई भी उपकरण उपलब्ध नहीं था. अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की कमी, दिशा संकेत (साइनज) का अभाव तथा मरीजों के बैठने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं मिली.
नवजात का इलाज भी अधूरा
अस्पताल के लेटर पैड पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के नाम अंकित थे, लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं पाया गया. जांच के दौरान एक नवजात शिशु जॉन्डिस की शिकायत के साथ भर्ती मिला, लेकिन वहां जरूरी उपकरण जैसे रेडिएंट वार्मर और फोटोथेरेपी मशीन भी कार्यरत नहीं थे. परिजनों ने इलाज के नाम पर 15 हजार रुपये नकद भुगतान करने की बात कही.
स्टाफ का रिकॉर्ड नहीं
इसके अलावा अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की कोई आधिकारिक सूची या शैक्षणिक प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था. मौके पर केवल करीब 17 वर्षीय एक युवक मौजूद मिला, जिसने खुद को सीखने के लिए कार्यरत बताया. अस्पताल में शुल्क सूची, एम्बुलेंस सेवा और समुचित शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थीं.
अस्पताल सील
इन सभी गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
