Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में भारी गड़बड़ी सामने आने के बाद आजसू पार्टी ने सरकार और आयोग पर जोरदार हमला बोला है. सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में अशुद्धियां मिलने पर पार्टी ने इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया है. आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने साफ कहा कि JPSC अध्यक्ष को तुरंत बदला जाए और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए.
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JPSC की लापरवाही उजागर : प्रवीण प्रभाकर
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र में 100 से ज्यादा गलतियां हैं, जो बेहद शर्मनाक है. यहां तक कि झारखंड के शहीदों के नाम भी गलत लिखे गए हैं. कई जगह वर्तनी और अनुवाद की गलतियों के कारण सवालों का अर्थ ही बदल गया, जिससे अभ्यर्थियों की मेरिट प्रभावित हो सकती है. प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि यह सिर्फ छपाई की गलती नहीं, बल्कि JPSC की लापरवाही और खराब मॉडरेशन सिस्टम का नतीजा है. उन्होंने कहा कि राज्य में जहां नौकरी के मौके पहले ही कम हैं. लाखों युवा सालों की मेहनत के बाद परीक्षा देते हैं. ऐसे में इस तरह की गलती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती.
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“JPSC की साख बचाना सरकार की जिम्मेदारी”
उन्होंने 19 अप्रैल को होने वाली संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि उसमें ऐसी गलती दोबारा न हो. आजसू ने साफ कहा कि JPSC की साख बचाना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि योग्य उम्मीदवारों का सही चयन हो सके.
