उम्रकैद के 6 कैदियों की रिहाई पर मुहर, सीएम ने कहा- मुख्यधारा से जोड़ें, निगरानी भी जरूरी

रांची: हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में...

Birsa Munda Central Jail
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा

रांची: हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 6 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी. ये सभी बंदी हत्या जैसे संगीन मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे. बैठक में कुल 15 कैदियों के मामलों की समीक्षा की गई. अदालत, संबंधित जिलों के एसपी, जेल अधीक्षक और प्रोबेशन पदाधिकारियों के मंतव्य पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद छह कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया गया.

सीएम ने रिहा कैदियों के लिए डाटा बेस तैयार करने पर दिया जोर 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जेल से रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें और दोबारा अपराध की ओर न बढ़ें. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रिहा कैदियों के लिए डाटा बेस तैयार करने और उनकी गतिविधियों की निरंतर ट्रैकिंग व निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि रिहाई के बाद भी इनकी गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है, ताकि कानून-व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े. बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही डायन-बिसाही की घटनाओं पर भी चिंता जताई और इसे रोकने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए.

ये अधिकारी रहे उपस्थित 

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव सह विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, आईजी जेल सुदर्शन प्रसाद मंडल, अपर पुलिस महानिरीक्षक जेल तुषार रंजन और न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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