लातेहार: जिले के बालूमाथ अंचल से एक गंभीर खबर सामने आ रही है, जहां जमीन से जुड़े मामलों में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं. सर्वे के बाद रिकॉर्ड में बदलाव ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
सर्वे के बाद सामने आई गड़बड़ी
बालूमाथ अंचल में हालिया भूमि सर्वे के बाद कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने खतियान और मूल दस्तावेजों में जमीन किसी और के नाम है, जबकि नए सर्वे रिकॉर्ड में उसी जमीन को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया है.
दलालों और बिचौलियों के सक्रिय होने के आरोप
इस कथित गड़बड़ी का फायदा उठाकर जमीन दलालों, अमीनों और बिचौलियों के सक्रिय होने की बात कही जा रही है. आरोप है कि बिना पुराने दस्तावेजों की जांच किए सिर्फ नए सर्वे रिकॉर्ड के आधार पर लगान रसीद जारी कर दी जाती है और फिर जमीन को ऊंची कीमत पर बेच दिया जाता है.
असली मालिक को लग रहा झटका
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक असली जमीन मालिक को इस पूरे मामले की जानकारी मिलती है, तब तक उसकी जमीन का सौदा हो चुका होता है. इससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ रहा है.
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अंचल कार्यालय पर भी उठे सवाल
अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. आरोप है कि वहां दलालों का इतना प्रभाव है कि आम लोग अपनी शिकायतें अधिकारियों तक सही तरीके से नहीं पहुंचा पा रहे हैं. इसके चलते जमीन विवाद और झगड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
पुश्तैनी जमीन पर भी खतरा
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों की पुश्तैनी जमीन भी खतरे में पड़ती नजर आ रही है. इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग अपनी जमीन को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
सरकार से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. मांग की जा रही है कि जब तक पुराने अभिलेख का जब तक खतियान और रजिस्टर-II के नए सर्वे रिकॉर्ड से सही मिलान नहीं हो जाता, तब तक किसी भी जमीन के लिए लगान रसीद जारी न की जाए.
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी दलालों, अमीनों और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है.
