रांची/बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में पिंडराजोरा थाना से जुड़े एक मामले में 28 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के एक साथ निलंबन ने तूल पकड़ लिया है। इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण’ बताते हुए झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने सीधे तौर पर बोकारो एसपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
Also Read : 24 घंटे में झारनेट प्रोफाइल अपडेट नहीं किया तो रुकेगा पुलिसकर्मियों का वेतन
एसपी की विफलता और नियंत्रण का अभाव
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कड़े शब्दों में इस कार्रवाई की निंदा की है. उन्होंने कहा कि संबंधित कांड की समीक्षा और उचित कार्रवाई करने में बोकारो पुलिस अधीक्षक पूरी तरह विफल रहे हैं. एसोसिएशन का आरोप है कि जिले में पुलिस व्यवस्था पर नियंत्रण का अभाव है और एसपी अपनी इसी प्रशासनिक विफलता को छिपाने के लिए बलि का बकरा बना रहे हैं.
एसोसिएशन का तर्क है कि एक ही थाने के 28 कर्मियों को एक साथ निलंबित करना न केवल प्रशासनिक अदूरदर्शिता है, बल्कि यह बल के मनोबल को तोड़ने वाला कदम है.
Also Read : अमेरिका-ईरान तनाव का असर: प्लैटिनम की कीमतों में उछाल, जानिए आज का लेटेस्ट रेट
न्याय के लिए किसी भी हद तक जाएंगे
राहुल कुमार मुर्मू ने स्पष्ट किया है कि एसोसिएशन अपने सदस्यों के साथ हो रहे इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा पुलिस एसोसिएशन अपने सदस्यों को न्याय दिलाने के लिए सरकार, सक्षम प्राधिकार और किसी भी कानूनी या विरोध के स्तर तक जाने के लिए तैयार है. हम मांग करते हैं कि निर्दोष पुलिस पदाधिकारियों का निलंबन अविलंब वापस लिया जाए.
पुलिस एसोसिएशन ने सरकार और विभाग के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं
बोकारो एसपी को उनके पद से तत्काल हटाया जाए. पिंडराजोरा थाना के निर्दोष पुलिसकर्मियों का निलंबन रद्द किया जाए. जिले में पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए, ताकि पक्षपात के आरोपों पर विराम लग सके.
