रांचीः विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 14 वें दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अब राज्य सरकार को अपने टैक्स से 81 फीसदी राजस्व मिला है। इस वित्तीय वर्ष के शेष 15 दिनों में 90 से 95 फीसदी तक राजस्व की प्राप्ति होगी। नॉन टैक्स से 78 फीसदी राजस्व मिला है। भारत सरकार मदद नहीं कर रहा। जीएसटी से झारखंड को 4000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी में 5161 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं। अनुदान के रूप में 8558 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं। इस तरह केंद्र ने अब तक 13 हजार करोड़ रुपए नहीं दिया है।
160 करोड़ के गबन पर वित्त मंत्री ने रखी अपनी बात
वित्त मंत्री ने कहा कि कैनरा और सेंट्रल बैंक में ऊर्जा और पर्यटन विभाग का 160 करोड़ रुपए जमा था। इस केनरा बैंक ने 45 करोड़ रुपए वापस करने पर सहमति दी है। इन दोनों बैंकों को निर्देश दिया गया है जब तक पैसा नहीं लौटाएंगे तब तक इन बैंकों की ब्रांचों में पैसा नहीं रखा जाएगा। जहां तक 10 हजार करोड़ के हिसाब किताब की बात है। ये अनियमितता 2001-22 यानि भाजपा के शासन काल में हुई पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने जब समीक्षा की तो यह मामला सामने आया। सरकार इस 10 हजार करोड़ का पता लगाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि अब तक बजट की 70 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है। केंद्र अगर 13 हजार करोड़ रुपए दे दे तो 85 से 90 फीसदी राशि खर्च हो जाएगी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि केंद्र के पास बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ दिलाने में सहयोग करें।


