रांची: बजट सत्र के आठवें दिन स्वास्थ्य व्यवस्था का मामला विपक्ष ने जोरदार तरीके से उठाया. राज सिन्हा ने कहा कि शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में सभी ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़े हैं. इस हॉस्पिटल में रोजाना 1300 मरीजों का फ्लो है.

ऑक्सीजन के अभाव में मरीज मर रहे हैं. महिला चिकित्सकों की कमी है. ऑक्सीजन का फ्लो मीटर भी नहीं है. इसके लिए अस्पताल की निगरानी के लिए कमेटी बनाई जाए. जिसमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए.
केंद्र सरकार ने प्लांट सेटअप कराया था: इरफान
राज सिन्हा के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में पीएम केयर्स फंड से तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे. भारत सरकार की एजेंसी ने ये प्लांट लगाए थे. तीन में से दो प्लांट खराब हैं. एक काम कर रहा है. लेकिन हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है. ऑक्सीजन के अभाव में किसी मरीज की जान नहीं गई है. सिलेंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है. मशीन ठीक करने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा गया है. यहां टेंडर कराया जा रहा है लेकिन कोई पार्टिसिपेट नहीं कर रहा है. फ्लो मीटर की कमी नहीं है. धनबाद में पर्याप्त डॉक्टर हैं.
जल्द होगी डॉक्टरों की बहाली
मंत्री इरफान ने कहा कि जल्द डॉक्टरों की बहाली की जाएगी. 370 मेडिकल ऑफिसर, 660 स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 189 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी.
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BPL परिवारों से 50 लाख रुपए वसूले गए: कुशवाहा शशिभूषण मेहता
कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने कहा कि मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज का मणिपाल हेल्थ मैप के साथ इकरारनामा हुआ था. इसके बावजूद बीपीएल परिवारों से 50 लाख रुपए वसूले गए. उनके पैसे लौटाए जाएं. एजेंसी पर कार्रवाई की जाए. एजेंसी पूरी तरह से गड़बड़ है. इस पर मंत्री इरफान ने कहा कि मणिपाल एजेंसी ने जो पैसे लिए थे, वह वापस कर दिए गए हैं. जब बीपीएल परिवार ने अपना कार्ड दिखाया, तब पैसे वापस किए गए. 2010 में एजेंसी के साथ इकरारनामा हुआ था. अब इकरारनामा भी खत्म हो गया है.
HIV पॉजिटिव ब्लड चढ़ाने के मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष एकजुट
चाईबासा में बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ाने के मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एकजुट होकर मंत्री इरफान को घेरा. अरूप चटर्जी ने कहा कि अब तक इसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है. कब तक आएगी. दोषियों को बचाने का काम किया जा रहा है. उन बच्चों को हायर ट्रीटमेंट के लिए सरकार खर्च उठाए. चलते सत्र में रिपोर्ट सदन में रखी जाए. इस पर मंत्री ने कहा कि जैसे ही रिपोर्ट आ जाएगी, सदन को अवगत करा दिया जाएगा. हर तीन महीने में थैलेसिमिया पीड़ितों को ब्लड चढ़ाया जाता है. प्रत्येक पीड़ित परिवार को दो-दो लाख रुपए दिए गए हैं. हम सारा खर्च उठाने को तैयार हैं. टेक्निकल कारणों से रिपोर्ट में देरी हो रही है. जल्द ही रिपोर्ट आ जाएगी.

