रांचीः झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 13 वें दिन राजेश कच्छप से दाखिल खारिज का मामला सदन में रखाष कहा कि ऑनलाइन म्यूटेशन से पहले के डीडधारियों के दाखिल खारिज के लिए क्या प्रावधान है. इनका डीड ऑनलाइन नहीं दिखता है. इस पर मंत्री दीपक बिरूआ नमे कहा कि डीड में हेराफेरी न हो इसके लिए शो-मोटो सिस्टम लाया गया है. जो ऑनलाइन नहीं कर सके हैं वे आवेदन दें. अगर रिजेक्ट हो जाता है तो एलआरडीसी के कोर्ट में अपील कर सकते हें. इस पर राजेश कच्छप ने कहा कि एलआरडीसी रैयतों से नहीं मिलते हैं. इस पर मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन में गड़बड़ियां हैं. धीरे-धीरे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है. जहां तक पुराने डीडधारियों का सवाल है तो इसका आंकड़ा नहीं है. विभाग स्तर पर समीक्षा करेंगे. इस पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अगर खतियानी जमीन का भी ऑनलाइन दाखिल खारिज करना है तो प्रति डिसमिल 2000 रुपए देना पड़ता है. मेरे एक परिचित के मामले में तत्कालीन डीसी राहुल सिन्हा से बात की. बात करने के दो दिन बाद रिजेक्ट हो गय.. सीओ 50 हजार रुपए मांगता है. नवीन जायसवाल में कहा कि पंचायत और वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर समस्या का समाधान करें. मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि इस पर समग्र रूप से सोंचने की जरूरत है. मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि सरकार पाकदर्शिता से काम करेगी. विसंगतियों को दूर करेंगे. सकारात्मक पहल होगी. अमित यादव के सवाल पर कहा कि दो जमाबंदी में से एक रद्द कर दी गई है. दूसरी जमाबंदी पर तीन महीने के अंदर फैसला ले लिया जाएगा.


