रांची: झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 13वें दिन कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि आदिवासियों का शोषण रोकना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने आदिवासियों को धोखा दिया है. इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य के ट्राइबल हॉस्टल पर बात होनी चाहिए. जाकर देखा जाए कि बच्चे किस हालत में रह रहे हैं. छात्राओं के हॉस्टल में नाइट गार्ड और रसोइया तक नहीं हैं. गैस का कनेक्शन भी नहीं है. उन्होंने छात्रावासों की संख्या बढ़ाने की मांग की.

इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आदिवासी मुद्दा एक राष्ट्रीय विषय है. इसकी चर्चा सदन में क्यों नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने असम में आदिवासियों के लिए जो घोषणा की थी, उसे अब तक पूरा नहीं किया गया. रघुवर दास के शासनकाल में सीएनटी एक्ट में संशोधन लाया गया था. वहीं सरना कोड को केंद्र सरकार ने अब तक मंजूरी नहीं दी है.
छात्रवृत्ति के 900 करोड़ रुपये केंद्र के पास लंबित
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि छात्रवृत्ति के 900 करोड़ रुपये अब तक केंद्र सरकार के पास लंबित हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधन विकसित कर और नियमों को शिथिल कर छात्रवृत्ति देने का प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि आईएएस की तैयारी के लिए दिल्ली में फ्लैट खरीदा जाएगा, जहां बच्चे रहकर यूपीएससी की कोचिंग कर सकेंगे. हर जिले में तीन मंजिला कोचिंग लाइब्रेरी और कल्चर हॉल बनाया जाएगा. प्रत्येक हॉस्टल में मुफ्त भोजन के साथ लाइब्रेरियन, कुक और गार्ड की व्यवस्था की जाएगी. बिरसा मुंडा की स्मृति में 40 करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय बनाया जाएगा. आदिवासी कल्याण विभाग के 16 अस्पतालों में एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. बीआईटी मेसरा में आईटीआई, बीएड और नर्सिंग की पढ़ाई कराई जाएगी, जहां भोजन और हॉस्टल की सुविधा मुफ्त होगी.
नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि आदिवासी समुदाय देश के पहले निवासी हैं. आदिवासियों की जनसंख्या तेजी से घट रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि रघुवर दास के शासनकाल में आदिवासियों की जमीन पूंजीपतियों को देने का काम किया गया. भाजपा आदिवासियों की संरक्षक नहीं है, बल्कि उसने आदिवासियों को कुचलने का काम किया है.
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झारखंड माइनोरिटी फाइनांशियल कोऑपरेटिव के गठन की मांग
मो. ताजउद्दीन ने कहा कि रघुवर दास ने जो “हाथी उड़ाया” उसका क्या हुआ. उन्होंने कहा कि मदरसों में सभी विषयों की शिक्षा दी जा रही है. रांची के हज हाउस का उपयोग रचनात्मक कार्यों के लिए भी किया जाना चाहिए. उन्होंने झारखंड माइनोरिटी फाइनांशियल कोऑपरेटिव के गठन की मांग की. साथ ही शेख भिखारी के नाम से विश्वविद्यालय की स्थापना की भी मांग उठाई. उन्होंने कहा कि पाकुड़ और साहेबगंज में जमीन का सर्वे होना चाहिए. असम में 100 साल पुराने घरों में आदिवासी रह रहे हैं, लेकिन उनकी मरम्मत तक नहीं हुई है.
मईंया सम्मान योजना के आवेदन नहीं लिए जा रहे
मंजू कुमारी ने कहा कि मईंया सम्मान योजना का आवेदन पिछले एक साल से नहीं लिया जा रहा है. उन्होंने वृद्धा पेंशन बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा कि चुनिंदा परिवारों को ही योजनाओं का लाभ मिल पाता है. राज्य में महिला आयोग और निःशक्तता आयोग का गठन नहीं हुआ है. अनुसूचित जनजाति आयोग का भी गठन लंबित है. उन्होंने यह भी कहा कि गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है.

