कैबिनेट का फैसलाः झारखंड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट में नामांकन को मंजूरी, सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन व वेतन अंतर भुगतान की स्वीकृति

रांची: राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने झारखंड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका...

रांची: राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने झारखंड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस विद मल्टी इंजन रेटिंग प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया को स्वीकृति प्रदान की. इसके साथ ही प्रवेश और नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता निर्धारण को भी मंजूरी दी गई. इस निर्णय से राज्य के युवाओं को विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.

जल संसाधन विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों को भी स्वीकृति

बैठक में जल संसाधन विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली. जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन के अंतर राशि के भुगतान को मंजूरी दी गई. इसी तरह बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II तथा किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (अग्रिम योजना), जल संसाधन विभाग, रांची को भी स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत उच्च पदों पर कार्यरत अवधि के वेतन अंतर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई.

सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन संबंधी मामलों को भी मंजूरी

कैबिनेट ने कई सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन संबंधी मामलों को भी मंजूरी दी. स्व. राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत्त लेखा लिपिक, लघु सिंचाई प्रमंडल, लातेहार की नियमित सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़ते हुए 31 मई 2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई. इसके अलावा मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत्त पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमंडल, साहेबगंज तथा हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत्त जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद की सेवा में दैनिक वेतनभोगी अवधि को जोड़ते हुए पेंशन का लाभ देने का निर्णय लिया गया. संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर सहित अन्य 10 कर्मियों को भी इसी आधार पर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई.

इन प्रावधानों को शामिल करने की मंजूरी

इसके अलावा, राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों, निदेशालयों, बोर्ड, निगम, सोसायटी और निकायों द्वारा किए जाने वाले एकरारनामा, कार्यादेश, आपूर्ति आदेश और स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट में ई-बैंक गारंटी के रूप में प्रतिभूति प्राप्त करने तथा विवाद समाधान से जुड़े प्रावधानों को शामिल करने की मंजूरी दी. इसके लिए झारखंड प्रोक्योरमेंट ऑफ गुड्स एंड सर्विसेस मैनुअल में आवश्यक संशोधन भी स्वीकृत किया गया.

कैबिनेट ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 के संबंध में राज्य सरकार की ओर से विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने को भी मंजूरी प्रदान की. इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार और कर्मचारियों के लंबित मामलों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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