Ranchi: झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका यूनियन का चतुर्थ राज्य सम्मेलन रांची के सफदर हाशमी सभागार में जोश और संकल्प के साथ संपन्न हुआ. सम्मेलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हो रहे शोषण, मानदेय में बढ़ोतरी न होने और ग्रेच्युटी जैसे बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन पर गहरा रोष व्यक्त किया गया. इस दौरान यूनियन की नई राज्य कमेटी का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से मीरा देवी को अध्यक्ष और मीनू मुर्मू को महासचिव चुना गया.
एफआरएस के नाम पर शोषण बर्दाश्त नहीं
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए आइफा की राष्ट्रीय महासचिव उषा रानी ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि फेस रिकग्निशन सिस्टम के नाम पर कार्यकर्ताओं का शोषण हो रहा है और उनके मानदेय रोके जा रहे हैं, जो पूरी तरह अन्याय है. उन्होंने मांग की कि सरकार केवल काम न थोपे, बल्कि काम करने के लिए लैपटॉप और डेटा पैक भी उपलब्ध कराए.
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क्या हैं प्रमुख मांगें
मानदेय में वृद्धि– वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2018 के बाद से मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है.
ग्रेच्युटी का लाभ- सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद झारखंड में आंगनबाड़ी कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ नहीं दिया जा रहा है.
अतिरिक्त कार्यों से मुक्ति- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीणा गुप्ता ने मांग की कि सेविकाओं को चुनाव कार्य और एसआईआर जैसे अतिरिक्त कार्यों से मुक्त किया जाए, ताकि उन्हें मानसिक प्रताड़ना से बचाया जा सके.
नई राज्य कमेटी की घोषणा
• अध्यक्ष. मीरा देवी
• महासचिव. मीनू मुर्मू
• उपाध्यक्ष. प्रीति हांसदा, अविगेल हेम्ब्रम, वर्षा रानी
• सचिव. सावित्री सोरेन, सोनामुनी मुर्मू, बेबी कुमारी
• कोषाध्यक्ष. लखन लाल मंडल
