चाईबासा में दिनदहाड़े बालू माफिया का खेल, नाव से अवैध खनन पर प्रशासन कटघरे में

चाईबासा: कोल्हान के तांतनगर अंचल के इलिगड़ा क्षेत्र में खड़कई नदी से दिनदहाड़े अवैध बालू उठाव का मामला सामने आया है. आरोप...

चाईबासा: कोल्हान के तांतनगर अंचल के इलिगड़ा क्षेत्र में खड़कई नदी से दिनदहाड़े अवैध बालू उठाव का मामला सामने आया है. आरोप है कि सरायकेला-खरसावां के कुजू निवासी राजू गिरी ने बंगाल से नाव और डोंगा मंगाकर संगठित तरीके से इस धंधे को अंजाम दिया.

इस मामले को लेकर एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि पेरियार ने पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त को एक्स (ट्विटर) पर ट्वीट कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने इसे कानून, प्रशासन और पर्यावरण पर सीधा हमला बताया है.

उन्होंने कहा कि यह कोई चोरी-छिपे होने वाला अपराध नहीं है, बल्कि प्रशासन की नजरों के सामने चल रही संगठित लूट है. बिना किसी संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन संभव नहीं हो सकता.

रामहरि पेरियार ने सवाल उठाते हुए कहा कि जहां छोटे ट्रैक्टर चालकों से ₹4000 मासिक वसूली के लिए गश्ती दल सक्रिय रहता है, वहीं नदी से बड़े स्तर पर बालू दोहन के मामले में प्रशासन मौन क्यों है. उन्होंने इसे संभावित मिलीभगत का संकेत बताया.

सूत्रों के अनुसार, इलिगड़ा बालू घाट पर जिला खनन विभाग, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और स्थानीय थाना की टीम मौके पर पहुंच चुकी है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार कानून कार्रवाई करेगा या फिर मामला औपचारिकता बनकर रह जाएगा.

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आज खड़कई नदी का दोहन हो रहा है, तो कल इसका असर पूरे इलाके पर पड़ेगा. यह सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व का प्रश्न है.

वहीं प्रशासन से सवाल उठाते हुए पूछा गया कि क्या स्थानीय ओपी प्रभारी को इस अवैध गतिविधि की जानकारी नहीं थी. अगर जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. गरीबों पर सख्ती और बड़े आरोपियों पर नरमी क्यों दिखाई जा रही है.

मांग की गई है कि इलिगड़ा क्षेत्र में अवैध बालू उठाव पर तत्काल रोक लगाई जाए. पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच (SIT या CBI) कराई जाए. मुख्य आरोपी राजू गिरी और उसके नेटवर्क पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए. खड़कई नदी और आसपास के पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष योजना लागू करने की भी मांग की गई है.

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