सरायकेला में ‘चैती छठ’ का महापर्व, खरकई नदी के घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, भगवान भास्कर को दिया गया पहला अर्घ्य

    सरायकेला: लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व ‘चैती छठ’ सरायकेला में पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ...

 

 

सरायकेला: लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व ‘चैती छठ’ सरायकेला में पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. मंगलवार को पर्व के तीसरे दिन व्रतियों ने अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित किया.

खरकई नदी घाट पर उमड़ी भीड़

जिला मुख्यालय स्थित खरकई नदी के श्री जगन्नाथ मंदिर घाट पर बड़ी संख्या में छठ व्रती और श्रद्धालु एकत्रित हुए. इस अवसर पर नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने भी डूबते भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया. उन्होंने सरायकेला वासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की‌.

घरों में भी हुई सूर्य उपासना

नदी घाटों के अलावा, कई व्रतियों ने अपने घरों की छतों और आंगन में ही जल कुंड बनाकर भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की और अर्घ्य दिया. पूरे क्षेत्र में छठ के पारंपरिक गीतों की गूंज सुनाई दे रही है, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है.

सुरक्षा व्यवस्था रही दुरुस्त

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा. सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि व्रतियों को अर्घ्य देने में कोई असुविधा न हो.

कल उगते सूर्य को दिया जाएगा दूसरा अर्घ्य

चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन अनुष्ठान का समापन बुधवार सुबह होगा. छठ व्रती उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित करेंगे, जिसके साथ ही उनका 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त होगा और पारण किया जाएगा.

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