रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजधानी रांची की चरमराती जलापूर्ति व्यवस्था का मुद्दा गरमाया रहा. वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह ने सदन के माध्यम से सरकार का ध्यान रांची नगर निगम क्षेत्र में हो रही पानी की किल्लत और विभाग की लचर कार्यशैली की ओर खींचा.

55 साल पुरानी पाइपलाइनें बनीं मुसीबत
विधायक सीपी सिंह के सवाल का जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने स्वीकार किया कि रांची के कई इलाकों में आज भी 55 साल पुरानी पाइपलाइनों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है. मंत्री ने माना कि पाइपलाइनें अत्यंत जर्जर हो चुकी हैं, जिसके कारण आए दिन पाइप फटने या क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं होती हैं. इसी वजह से कई वार्डों में नियमित और शुद्ध पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है.
विधायक का आरोप, अधिकारी टालते हैं जिम्मेदारी
चर्चा के दौरान सीपी सिंह ने विभागीय इंजीनियर के रवैये पर भी कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने सदन को बताया कि, जब जनता पानी की समस्या लेकर फोन करती है, तो संबंधित क्षेत्र के इंजीनियर फोन उठाकर दूसरे जोन के अभियंता से बात करने को कहकर बात टाल देते हैं.
रुक्का डैम से होने वाली सप्लाई के बारे में पूछने पर अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि बिजली का लोड सही नहीं मिलने के कारण पंपिंग नहीं हो पाई.विधायक ने स्पष्ट किया कि समन्वय की कमी और तकनीकी बहानों के कारण रांची की जनता आज भी पानी के लिए तरस रही है.
मंत्री का आश्वासन, विधायक की मौजूदगी में होगी उच्चस्तरीय बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि रांची नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा. उन्होंने घोषणा की कि,आने वाले दिनों में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक की जाएगी.
इस बैठक में विधायक सीपी सिंह को भी आमंत्रित किया जाएगा, ताकि स्थानीय समस्याओं और उनके धरातलीय समाधानों पर सीधा संवाद हो सके. मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और बिजली समन्वय की बाधाओं को दूर कर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी.

