चतरा: चतरा जिले में गिद्धौर थाना क्षेत्र के गांगपुर गांव की रहने वाली दिव्यांग किशोरी मुन्नी कुमारी की मौत का मामला एक अनसुलझी पहेली बन गया है. शव बरामद हुए 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक यह तय नहीं कर पाई है कि यह सोची-समझी हत्या है या सामान्य मौत. कानून-व्यवस्था और जांच की गति को लेकर अब परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में मायूसी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

लापता होने से शव मिलने तक का घटनाक्रम
मुन्नी कुमारी 28 दिसंबर 2025 को अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गई थी. दिव्यांग होने के कारण परिजन उसकी सुरक्षा को लेकर अत्यंत चिंतित थे. काफी खोजबीन के बाद जब उसका कहीं पता नहीं चला, तो परिजनों ने गिद्धौर थाना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने उसकी तलाश तेज कर दी थी और सूचना देने वाले के लिए 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया था.
लापता होने के करीब एक महीने बाद, 24 जनवरी को गांगपुर के समीप नॉकबांध पहाड़ के जंगली इलाके से मुन्नी का शव बरामद किया गया. शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था.
आम तौर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा हो जाता है, लेकिन इस मामले में 24 दिन बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है.

