चतरा/रांची: झारखंड के चतरा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. सोमवार की शाम सिमरिया थाना क्षेत्र के कसारी जंगल में एक एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मूसलाधार बारिश और घने जंगल के बीच हुए इस हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है.

देर रात बरामद हुए शव
चतरा जिला पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए सोमवार की देर रात ही घटनास्थल से सभी सातों शवों को बरामद कर लिया. विमान के परखच्चे उड़ जाने और आग लगने के कारण शव क्षत-विक्षत स्थिति में थे, जिन्हें प्लास्टिक में लपेटकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है.

जान गंवाने वालों में एयर क्रू से लेकर मरीज के परिजन तक शामिल
– पायलट: कैप्टन विवेक विकास भगत
– को-पायलट: कैप्टन समरजीत सिंह
– मरीज: संजय कुमार (पलामू निवासी)
– परिजन: अर्चना देवी (संजय कुमार की पत्नी)
– डॉक्टर: डॉ. विकास गुप्ता
– पैरामेडिकल स्टाफ: सचिन कुमार मिश्रा

सिमडेगा के लोकप्रिय ब्लॉगर ध्रुव भी हुआ हादसे का शिकार
इस हादसे में सिमडेगा के रहने वाले मशहूर ब्लॉगर ध्रुव की मौत ने सोशल मीडिया जगत को भी गमगीन कर दिया है.ध्रुव अपनी ब्लॉगिंग के लिए जाने जाते थे. इस घटना की सूचना मिलते हैं ध्रुव का परिवार सिमडेगा से चतरा के लिए रात में ही रवाना हो गया था.

चश्मदीद: बारिश के बीच उठी आग की लपटें और दहल गया जंगल
हादसे के वक्त इलाके में तेज बारिश हो रही थी. कसारी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि शाम के समय अचानक एक जोरदार धमाका हुआ. बारिश के बावजूद जंगल के बीच से आग की ऊंची लपटें उठती देख ग्रामीण मौके पर दौड़े.
वहां का मंजर खौफनाक था, विमान का मलबा बिखरा पड़ा था और चारों ओर धुआं था. ग्रामीणों ने सबसे पहले एक महिला का अधजला शव देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. ग्रामीणों की तत्परता के बावजूद विमान में लगी भीषण आग के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका.

इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे पलामू के व्यवसायी
हादसे का शिकार हुए मरीज संजय कुमार (41 वर्ष), पलामू जिले के सतबरवा के रहने वाले थे. सात दिन पहले उनके बकोरिया स्थित होटल में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे 65% तक झुलस गए थे. रांची के देवकमल अस्पताल में सुधार न होने के कारण परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए सोमवार दोपहर एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही नियति ने कुछ और ही लिख रखा था.

हादसे के कारण पर सस्पेंस
प्रारंभिक तौर पर खराब मौसम और तेज बारिश को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी खराबी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता. नागरिक उड्डयन विभाग और संबंधित एजेंसियां इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करेंगी ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता चल सके.

