हजारीबाग में विकास योजनाओं पर कमीशन का शिकंजा: पंचायत से प्रखंड तक ‘कट’ का खेल बेनकाब

हजारीबाग: जिले के ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने वाली योजनाएं अब खुद सवालों के घेरे में हैं. पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर...

हजारीबाग: जिले के ग्रामीण विकास की तस्वीर बदलने वाली योजनाएं अब खुद सवालों के घेरे में हैं. पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक कथित कमीशनखोरी का जाल फैला हुआ है, जिसमें विकास योजनाएं फंसकर रह गई हैं. हालात यह हैं कि योजनाओं की राशि पहले ही बंटवारे में खत्म हो जाती है और जनता को अधूरा या घटिया काम ही नसीब होता है.

जल-नल और सोलर योजनाओं में तय ‘कट’

सूत्रों के अनुसार, जल-नल एवं सोलर पैनल जैसी योजनाओं में संवेदक से लेकर बड़े अधिकारियों तक प्रतिशत पहले से तय रहता है. मुखिया 10%, सचिव 8%, प्रखंड ऑपरेटर 3% और बड़े अधिकारियों तक 5% हिस्सेदारी की चर्चा आम है. ऐसे में गुणवत्ता की उम्मीद बेमानी हो जाती है.

आवास योजनाओं में भी कमीशनखोरी हावी

प्रधानमंत्री आवास, अबुआ आवास और अंबेडकर आवास योजना में भी कमीशन का खेल जारी है. लाभुकों के नाम पर आने वाली राशि में मुखिया, सचिव, कोऑर्डिनेटर और अधिकारी अपना-अपना हिस्सा तय कर लेते हैं, जिससे गरीबों के घर अधूरे रह जाते हैं.

सड़क-नाली निर्माण में अनियमितता, स्ट्रीट लाइट भी प्रभावित

जिले के गांवों में बनने वाली सड़कों और नालियों के निर्माण में भी भारी अनियमितता की शिकायतें हैं. जेई से लेकर छोटे-बड़े अधिकारियों तक कट का सिस्टम चल रहा है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है. स्ट्रीट लाइट योजना भी इससे अछूती नहीं है. कई जगह लाइट या तो लगती नहीं या जल्द खराब हो जाती है.

मरम्मत और रखरखाव में भी गड़बड़ी के आरोप

जल-नल योजना में पाइप तोड़ना, फिर जोड़ना और सामान की कथित चोरी दिखाकर दोबारा खरीदारी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं. पंचायत सचिवालय के रखरखाव के नाम पर हर महीने 15 हजार रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आता.

ALSO READ: भीषण गर्मी में चांडिल डैम से पानी छोड़ने पर बवाल: दो गेट खुलते ही उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग तेज

जांच की मांग तेज, जनप्रतिनिधियों की जीवनशैली पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव के बाद कुछ जनप्रतिनिधियों की आर्थिक स्थिति में अचानक बदलाव दिखता है. आलीशान मकान और लग्जरी गाड़ियां इस पर सवाल खड़े करती हैं. स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि अगर समय रहते इस कमीशन खेल पर रोक नहीं लगी, तो विकास योजनाओं का उद्देश्य खत्म हो जाएगा.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *