Ranchi: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सीजफायर से थोड़ी राहत भले ही मिली हो, लेकिन उससे देश में गैस संकट की चर्चा जोरों पर है. जिसमें अब स्थानीय स्तर पर भी अनियमितताओं के मामले सामने आने लगे हैं. चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड में संचालित इंद्रप्रस्थ एचपी गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगे हैं.
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी की लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण उन्हें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जबकि उनके नाम पर फर्जी बुकिंग की जा रही है. जब उपभोक्ता एजेंसी कर्मियों से फर्जीवाड़े का सवाल पूछ रहे हैं, तो हंगामा खड़ा हो जाता है.
विवाद बढ़ा, मारपीट तक पहुंचा मामला
ऐसे ही एक मामले ने आज उस समय अचानक तूल पकड़ लिया, जब हंटरगंज प्रखंड में उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मियों के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट शुरू हो गई. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन उपभोक्ताओं में आक्रोश बना हुआ है.
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फर्जी बुकिंग और सब्सिडी पर असर का आरोप
उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्होंने महीनों से गैस सिलेंडर नहीं लिया, इसके बावजूद उनके उपभोक्ता नंबर पर सिलेंडर की बुकिंग दर्ज दिखाई जा रही है. कई लोगों ने बताया कि छह महीने से लेकर एक साल तक उन्होंने गैस नहीं ली है, फिर भी रिकॉर्ड में नियमित डिलीवरी दर्शाई जा रही है. इससे उन्हें मिलने वाली सब्सिडी का लाभ भी प्रभावित हो रहा है.
बिना ओटीपी डिलीवरी का दावा
कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जब गैस बुक की, तो बिना ओटीपी साझा किए ही सिलेंडर डिलीवर दिखा दिया गया. जब वे एजेंसी पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि गैस पहले ही उनके नाम पर वितरित की जा चुकी है. उपभोक्ताओं का कहना है कि यह सुनियोजित तरीके से की जा रही कालाबाजारी है, जिसमें एजेंसी के कर्मचारी और संचालक शामिल हैं, यहां आम लोगों को गुमराह किया जा रहा है.
प्रशासन पर उठे सवाल, जांच की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर सरकार और जिला प्रशासन गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर इस तरह की अनियमितताएं व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं. घटना के बाद उपभोक्ताओं ने प्रशासन से एजेंसी की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एजेंसी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
एजेंसी संचालक का पक्ष
वहीं, एजेंसी संचालक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि गैस वितरण पूरी तरह ओटीपी प्रक्रिया के तहत ही किया जा रहा है. उन्होंने मारपीट की घटना की जानकारी से भी इंकार किया है. फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
