रांची : नगर निगम के डिप्टी मेयर चुनाव के नजदीक आते ही शहर का सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है. इस बार डिप्टी मेयर पद की कुर्सी के लिए मचे घमासान के बीच शहर के ठेकेदार, जमीन कारोबारी और दागी छवि वाले लोगों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है. सूत्रों के अनुसार, कई बड़े ठेकेदार और रियल एस्टेट कारोबारी सीधे तौर पर या अपने करीबियों के जरिए चुनावी बिसात बिछाने में जुट गए हैं. बताया जा रहा है कि विकास कार्यों की मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया में इस पद की अहम भूमिका होती है, जिसके चलते इस कुर्सी को हासिल करने के लिए जोरदार प्रयास किए जा रहे हैं.

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पार्षदों को साधने की कोशिश, फंडिंग और दबाव की चर्चा तेज
शहर के विभिन्न वार्डों से चुने गए पार्षदों के साथ होटलों में गुप्त बैठकों का दौर जारी है. इन बैठकों में चुनावी रणनीति के साथ-साथ भारी भरकम फंडिंग का आश्वासन भी दिया जा रहा है. पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए पैसों के ऑफर की भी चर्चा सामने आ रही है. वहीं दूसरी ओर, दागी प्रवृत्ति के लोग अपने रसूख का इस्तेमाल कर निर्दलीय और कमजोर पार्षदों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प और संवेदनशील हो गया है.

