Ranchi/Deoghar: झारखंड में साइबर अपराधियों और ठगों ने आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटने के लिए जाल बिछा रखा है. पिछले कुछ दिनों में रांची और देवघर से ठगी के चार बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें विदेश में नौकरी दिलाने, गुमशुदा मोबाइल के सिम का दुरुपयोग करने और डॉक्टर के अपॉइंटमेंट के नाम पर करीब 18.76 लाख रुपये की लूट की गई है. पुलिस ने देवघर में एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन रांची में ठगी के शिकार हुए लोग अब भी अपने खोए हुए पैसे और दस्तावेजों के लिए भटक रहे हैं.
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विदेश में नौकरी के नाम पर 9.50 लाख की ठगी
रांची के मेन रोड स्थित रोस्पा टावर में ठगों ने बकायदा दफ्तर खोलकर युवाओं को अपना शिकार बनाया. गोरखपुर के रोशन और उनके साथियों को साउथ अफ्रीका की एक पेट्रोलियम कंपनी में वॉल पेंटर की नौकरी का झांसा दिया गया. सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर सुफिसर माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने युवाओं को बुलाया 700 डॉलर (करीब 58,000 रुपया) वेतन का लालच देकर उनसे मेडिकल, वीजा और टिकट के नाम पर कुल 9.50 लाख रुपये वसूले. आरोपियों ने 11 लोगों को व्हाट्सएप पर फर्जी ग्रुप टिकट दिया. जब युवक 5 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, तो पता चला कि टिकट और वीजा दोनों फर्जी हैं. ठगों ने न केवल पैसे हड़पे, बल्कि युवाओं के मूल पासपोर्ट लेकर भी फरार हो गए. लोअर बाजार थाने में इस बाबत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
सिम कार्ड गुम होने की लापरवाही पड़ी भारी: बुजुर्ग महिला के खाते से 6.20 लाख गायब
साइबर अपराधियों ने अब सिम कार्ड के जरिए बैंक खातों पर पूर्ण नियंत्रण पाने का नया तरीका निकाला है. रांची के दीपाटोली की रहने वाली 70 वर्षीय कमलेश्वरी मेहता इसकी शिकार बनीं. 21 मार्च को महिला का मोबाइल गुम हुआ, लेकिन उन्होंने सिम कार्ड तुरंत ब्लॉक नहीं करवाया. ठगों ने उसी सिम का उपयोग कर यूपीआई लाइट सेवा सक्रिय की और महज 15 दिनों के भीतर बैंक खाते से 6,20,550 रुपये साफ कर दिए. घटना का पता तब चला जब खाते में जमा जमापूंजी शून्य हो गई. साइबर थाना रांची इस मामले की जांच कर रहा है.
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डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेना पड़ा महंगा: 5 रुपये के चक्कर में गंवाए 1.53 लाख
बरियातु निवासी इमरान अहमद सिद्दिकी को इलाज के लिए डॉक्टर का समय लेना भारी पड़ गया. ठगों ने गूगल पर मौजूद फर्जी नंबरों के जरिए उन्हें निशाना बनाया पीड़ित ने गूगल से नंबर लेकर कॉल किया.ठगों ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर सिर्फ पांच रुपये का ऑनलाइन भुगतान करने को कहा. जैसे ही पीड़ित ने लिंक पर जानकारी भरी, ठगों ने उनके और उनकी पत्नी के चार अलग-अलग बैंक खातों तक पहुंच बना ली और दो दिनों के भीतर 1.53 लाख रुपये उड़ा लिए.
देवघर में सीआईडी की बड़ी कार्रवाई: 11 शातिर ठग गिरफ्तार
झारखंड के साइबर क्राइम हब माने जाने वाले देवघर (पालाजोरी) में पुलिस ने एक संगठित गिरोह को दबोचा है. एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया.ये लोग नामी कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर नंबर गूगल पर डालते थे.यह गिरोह पीएम किसान योजना के नाम पर किसानों को, कैशबैक के नाम पर ग्राहकों को और ‘थैंक्स एप’ के जरिए बैंकिंग सेवाओं के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करता था.पकड़े गए आरोपियों में से कई पहले भी जेल जा चुके हैं.
