रांची: पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद बुधवार को अपने रौद्र रूप में नजर आए. अमूमन शांत रहने वाले नेपाल हाउस स्तिथ कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मंत्री अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए. साक्षात मंत्री को अपने बीच खड़ा देख मस्ती के मूड में रहने वाले कर्मचारियों और अफसरों के होश फाख्ता हो गए.
निरीक्षण के दौरान नजारा कुछ ऐसा था कि कोई आनन-फानन में गुटखा थूकने भागा, तो कोई पान की गिलौरी ठिकाने लगाने के लिए बालकनी की ओर दौड़ पड़ा. एक कर्मचारी तो मंत्री को सामने देख इतना घबरा गया कि मुंह में दबा गुटखा ही निगल गया.
फाइलों की सुस्ती पर बिफरे मंत्री
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने केवल हाजिरी रजिस्टर ही नहीं खंगाला, बल्कि सीधे टेबलों पर जा पहुंचे. उन्होंने बारीकी से देखा कि कौन सी फाइल किस टेबल पर कितने दिनों से धूल फांक रही है. फाइलों के अंबार और कार्यप्रणाली में सुस्ती देख मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और कड़े लहजे में स्पष्ट कर दिया, कि जनता के काम में कोताही अब बर्दाश्त नहीं होगी.
मंत्री ने क्या दिए निर्देश
- कार्यालय में सभी कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति अनिवार्य है. बायोमेट्रिक और उपस्थिति पंजी की नियमित जांच होगी.
- फाइलों को बेवजह लटकाने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. काम में पारदर्शिता और जवाबदेही तय हो.
- आम जनता की समस्याओं और शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी ढंग से करना होगा.
- बढ़ती तपिश को देखते हुए राज्य में पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.
- राज्य के खराब पड़े चापाकलों को युद्धस्तर पर ठीक करने का निर्देश दिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का संकट न हो.
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