SAURAV SINGH

रांची: झारखंड के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिलने का सिलसिला जारी है. रांची सिविल कोर्ट से लेकर धनबाद कोर्ट और समाहरणालय (DC ऑफिस) तक, इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया.
हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक की जांच में कहीं भी कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धमकियां अक्सर सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने या व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए दी जाती हैं.
पिछले एक महीने के भीतर कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई
– 28 फरवरी: रांची में कचहरी चौक स्थित रांची सिविल कोर्ट को एक अज्ञात ईमेल मिला, जिसमें RDX के जरिए विस्फोट करने की धमकी दी गई थी. जिला प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा कड़ी कर दी, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिला.
– 25 फरवरी: धनबाद सिविल कोर्ट परिसर को सुबह-सुबह उड़ाने की धमकी मिली. तीन घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान और परिसर खाली कराए जाने के बाद मामला अफवाह साबित हुआ.
– 12 फरवरी: रांची समाहरणालय को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई. डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल ने पूरे परिसर की तलाशी ली. मामला अफवाह निकला.
– 06 फरवरी: रांची फरवरी की शुरुआत में भी रांची सिविल कोर्ट को इसी तरह की धमकी मिली थी.
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कौन है इन धमकियों के पीछे? यूपी STF के खुलासे ने चौंकाया
इन धमकियों के पैटर्न को समझने के लिए उत्तर प्रदेश के हालिया घटनाक्रम पर नजर डालना जरूरी है. यूपी STF ने 14 फरवरी को एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है जो न केवल ऑनलाइन फ्रॉड में शामिल था, बल्कि दहशत फैलाने के लिए धमकी भरे ई-मेल का भी सहारा ले रहा था.
नोएडा में पकड़े गए इस गैंग के तार USA और बांग्लादेश से जुड़े पाए गए हैं. जांच में सामने आया कि ये गैंग नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर भारत, नेपाल और अमेरिका के लोगों से ऑनलाइन सट्टेबाजी के नाम पर ठगी करता था. गौतमबुद्ध नगर के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल का ओरिजिन भले ही USA था, लेकिन उसका रिकवरी ई-मेल भारत और बांग्लादेश से लिंक पाया गया.

