Lohardaga: भारतीय रिजर्व बैंक के तत्वावधान में लोहरदगा जिले में कार्यरत विभिन्न बैंकों के कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों को आम नागरिकों द्वारा प्रस्तुत कटे-फटे एवं गंदे नोटों के विनिमय की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी देना तथा इस सेवा को और अधिक प्रभावी एवं सरल बनाना था.
नोटों की पहचान और सुरक्षा पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बैंक नोटों की सुरक्षा विशेषताओं, असली एवं नकली नोटों की पहचान तथा संदिग्ध नोटों से निपटने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैंक कर्मियों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार वे ग्राहकों को त्वरित एवं सहज सेवा प्रदान कर सकते हैं, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य नकली नोटों के प्रसार पर रोक लगाना और बैंकिंग प्रणाली में विश्वास को मजबूत करना है.
नोट-सिक्का विनिमय मेला आयोजित
इसके साथ ही, आम जनता की सुविधा और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए बैंक ऑफ इंडिया, लोहरदगा शाखा में नोट एवं सिक्का विनिमय मेले का भी आयोजन किया गया. इस मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और गंदे, कटे-फटे नोटों एवं पुराने सिक्कों को आसानी से बदलवाने की सुविधा का लाभ उठाया.
बिना खाते के भी मिलेगी सुविधा
मेले के दौरान उपस्थित अधिकारियों द्वारा नागरिकों को यह महत्वपूर्ण जानकारी दी गई कि कटे-फटे या गंदे नोटों एवं सिक्कों का विनिमय देश के किसी भी बैंक की शाखा में बिना बैंक खाता खोले भी कराया जा सकता है. यह सुविधा सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध है, जिसका लाभ हर व्यक्ति उठा सकता है.
नॉलेज कार्ड का वितरण
इसके अतिरिक्त, लोगों के बीच नोट एवं सिक्का विनिमय से संबंधित ‘नॉलेज कार्ड’ का वितरण भी किया गया, जिससे उन्हें इस प्रक्रिया की स्पष्ट और सरल जानकारी मिल सके. कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता को बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया.
सराहनीय पहल
कुल मिलाकर, यह पहल बैंक कर्मियों की कार्यकुशलता बढ़ाने, आम जनता को बेहतर सुविधा प्रदान करने तथा नकली नोटों के खिलाफ जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुई.
