विनीत आभा उपाध्याय

रांची: शराब घोटाला के जरिये अधिकारियों ने जो पैसा कमाया उसे झारखंड के बाहर भी इन्वेस्ट किया गया है. ACB की अब तक की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है. अपनी पिछली रिपोर्ट में हमने बताया था कि उत्पाद विभाग में सचिव रहने के दौरान IAS मनोज कुमार ने पहले अपने साले अन्नू के जरिये ओवर प्राइसिंग से होने वाली अवैध कमाई को रिसीव करवाया और उसके बाद इस काम के लिए अलग अलग जिलों में पदस्थापित उत्पाद विभाग के अधिकारियों का इस्तेमाल किया. अपनी इस खबर में हम आपको बता रहे हैं कि उत्पाद विभाग में मैन पावर सप्लाई करने वाली एजेंसी विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विस एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकारी नीरज सिंह ने रांची ACB कोर्ट के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह की कोर्ट के आदेश के आलोक में पुलिस रिमांड के दौरान दिए अपने बयान में यह खुलासा किया है कि बतौर उत्पाद सचिव मनोज कुमार को जब हर महीने फिक्स पैसा मिलने लगा तो उन्होंने नोएडा में 4000 स्क्वायर फ़ीट का फ्लैट खरीद लिया. इस फ्लैट का बाजार मूल्य करोड़ों रुपए बताया जा रहा है. इसके अलावा उत्पाद विभाग में मनोज कुमार के बाद आए अधिकारियों ने धनबाद में बार खोल लिया और एक कंपनी में अपने करीबी रिश्तेदार को पार्टनर बना दिया.
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