धनबाद: कोयलांचल से एक ऐसी हृदयविदारक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. धनबाद के गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित वास्तु विहार फेज-2 में एक महिला का शव उसके ही घर में पांच दिनों तक पड़ा रहा और उसके परिजन उसी माहौल में सामान्य रूप से रहते रहे. रविवार की रात जब फ्लैट से असहनीय दुर्गंध आने लगी, तब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सड़ चुका शव बरामद किया.
क्या है पूरा मामला?:
मृतका की पहचान 40 वर्षीय लिपिका कुमारी के रूप में हुई है, जो साल 2022 से वास्तु विहार के फ्लैट नंबर 302 में अपने परिवार के साथ रह रही थी. बताया जा रहा है कि लिपिका की मौत आठ अप्रैल को ही हो गई थी. चौंकाने वाली बात यह है कि मौत के बाद पांच दिनों तक घर के सदस्यों ने न तो इसकी सूचना किसी रिश्तेदार को दी, न ही पुलिस को और न ही अंतिम संस्कार की कोई पहल की.
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दुर्गंध ने खोला राज:
पिछले दो-तीन दिनों से आसपास के रहने वाले लोगों को फ्लैट से हल्की बदबू आ रही थी, जिसे शुरू में लोगों ने कचरे या मृत चूहे की गंध समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन रविवार शाम होते-होते दुर्गंध इतनी बढ़ गई कि आसपास के फ्लैट्स में रहना दूभर हो गया. स्थानीय लोगों के संदेह जताने पर रात में गोविंदपुर थाना पुलिस को सूचित किया गया. जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फ्लैट का दरवाजा खुलवाया, तो अंदर का नजारा देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए. महिला का शव बिस्तर पर पड़ा था और पूरी तरह विकृत हो चुका था. घर के अन्य सदस्य उसी फ्लैट में मौजूद थे और शव के साथ ही रह रहे थे. पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
जांच के घेरे में परिजनों की चुप्पी:
प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों का कहना है कि लिपिका की मौत लंबी बीमारी के कारण हुई है,हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मौत स्वाभाविक थी, तो परिजनों ने पांच दिनों तक इसे दुनिया से क्यों छुपाया?
