झारखंड के इतिहास में पहली में बार एक साथ थाना के सभी पुलिसवाले सस्पेंड, 10 सब इंस्पेक्टर समेत 28 पुलिसकर्मी एक साथ निलंबित

रांची: अभियुक्त से सांठगांठ के आरोप में पूरा थाना के पुलिस पदाधिकारी और कर्मी को एक साथ सस्पेंड कर दिया गया. जिनमें...

रांची: अभियुक्त से सांठगांठ के आरोप में पूरा थाना के पुलिस पदाधिकारी और कर्मी को एक साथ सस्पेंड कर दिया गया. जिनमें 10 सब इंस्पेक्टर, पांच असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, दो हवलदार और 11 सिपाही शामिल है. बोकारो एसपी कार्यालय के द्वारा शनिवार की देर रात यह आदेश जारी किया गया है. झारखंड पुलिस के इतिहास में संभवतः पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है. बोकारो के पिण्ड्राजोरा थाना के प्रभारी से लेकर आरक्षी (कॉन्स्टेबल) तक, यानी पूरे थाने के 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इन पर अपराधियों को बचाने, जांच में लापरवाही बरतने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप हैं.

क्या है पूरा मामला?:

मामले की शुरुआत 24 जुलाई 2025को हुई थी, जब ग्राम खुंटाडीह की रहने वाली रेखा देवी ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री कुमारी पुष्पा महतो के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.इस संबंध में पिण्ड्राजोरा थाना में कांड संख्या 147/25 दर्ज किया गया था.

जांच में पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका:

शुरुआती जांच में यह पाया गया कि थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारी जांच के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे. जांच की समीक्षा के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पुलिसकर्मी जानबूझकर केस को कमजोर कर रहे थे ताकि अभियुक्त को लाभ पहुंचाया जा सके. उन पर आरोप है कि उन्होंने अभियुक्तों के साथ मिलकर पार्टियां कीं, केस को रफा-दफा करने के लिए पैसों का लेन-देन किया, थाने की गोपनीयता को भंग किया.

SIT के गठन से हुआ खुलासा:

जब मामले की गंभीरता बढ़ी, तो सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया. इस नई टीम ने कमाल की तत्परता दिखाते हुए महज एक दिन में न केवल मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार किया, बल्कि उसकी निशानदेही पर मृतका के कंकाल की हड्डी, कपड़े और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिए.

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