हजारीबाग/रांची: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है. विभाग ने ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन कनीय लेखा लिपिक अरुण कुमार को रांची से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2017 का है, जब अरुण कुमार, तत्कालीन कनीय लेखा लिपिक (ग्रामीण विकास विभाग, कार्य प्रमण्डल, रामगढ़) के विरुद्ध भ्रष्टाचार और अवैध धनार्जन की शिकायतों के बाद एसीबी हजारीबाग थाना कांड संख्या 29/17 दर्ज की गई थी.
550 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा:
जांच के दौरान एसीबी ने पाया कि अभियुक्त अरुण कुमार ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 550 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है. साक्ष्यों के आधार पर ब्यूरो ने 10 अगस्त 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय द्वारा अरुण कुमार को उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किया गया था, लेकिन वे लगातार न्यायालय की अवहेलना कर रहे थे.इसके बाद न्यायालय ने उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया. एसीबी की टीम ने तत्परता दिखाते हुए 31 मार्च को अभियुक्त को उनके रांची स्थित वर्तमान आवास (फ्लैट नंबर 203, आर. एल. टावर, दीपाटोली, थाना-सदर) से गिरफ्तार कर लिया.
