रांची: राज्य के सरकारी विद्यालयों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के कक्षा 8 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक निरंतरता को प्रोत्साहित करने तथा ड्रॉपआउट दर को रोकने के उद्देश्य से साइकिल वितरण किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 136 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान का प्रस्ताव है.

जनजातीय समुदायों के सतत विकास, सामाजिक उत्थान, आर्थिक सशक्तिकरण तथा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और शोध के लिए जमशेदपुर (गालूडीह-घाटशिला) में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है. जनजातीय समुदायों के लिए शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला मॉडल छात्रावासों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से कराया जा रहा है.
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड के चयनित विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में मास्टर्स और एम.फिल. पाठ्यक्रम हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. अब इस योजना में अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 24 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया था, जिसे बढ़ाकर 50 कर दिया गया है.
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 1,216 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है. अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 3 हजार 568 करोड़ 19 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन
भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून की इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023 के अनुसार राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 29.76 प्रतिशत भाग वनाच्छादित है. इको-टूरिज्म योजना के तहत ग्रामीणों को रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सारंडा वन प्रमंडल में नोवामुंडी पार्क, पाकुड़ वन प्रमंडल में फॉसिल पार्क एवं जैव विविधता पार्क, गुमला वन प्रमंडल में अंजन धाम इको पार्क तथा चाकुलिया इकोलॉजिकल पार्क में कार्य किए जा रहे हैं.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.40 करोड़ पौधों का रोपण किया गया तथा 2026-27 में 2.60 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य है. वर्ष 2026-27 में वन विभाग के लिए 1 हजार 544 करोड़ 75 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.
पथ निर्माण
राज्य गठन के समय पथों की कुल लंबाई 5,400 कि.मी. थी, जो अब बढ़कर 15,066 कि.मी. हो गई है. पथ घनत्व 186 कि.मी. प्रति 1,000 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 189.03 कि.मी. प्रति 1,000 वर्ग किलोमीटर हो गया है. प्रमुख सड़कों को फोर लेन में परिवर्तित करने और फ्लाईओवर निर्माण की योजना पर कार्य किया जा रहा है.
IRQP (Improvement of Riding Quality Programme) के तहत क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन का प्रस्ताव है. पुराने एवं जर्जर पुलों के स्थान पर नए उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण किया जाएगा. रेल मंत्रालय के साथ समन्वय कर लेवल क्रॉसिंग समाप्त करने हेतु रोड ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव है.
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 785 कि.मी. सड़कों के उन्नयन और 1,200 कि.मी. सड़कों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य है. 35 स्टैंडअलोन फ्लाईओवर/आरओबी निर्माण की योजना है. पथ निर्माण विभाग के लिए 6 हजार 601 करोड़ 28 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.
ग्रामीण कार्य
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1,644 कि.मी. सड़कों का निर्माण पूर्ण किया गया है. वर्ष 2026-27 में 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है. ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 15,000 कि.मी. ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य है, जिसमें 1,600 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं.
मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत 122 पुलों का निर्माण पूर्ण हुआ है. वर्ष 2026-27 में 730 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 620 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. ग्रामीण कार्य विभाग के लिए कुल 5 हजार 81 करोड़ 74 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.
नागर विमानन
बिरसा मुण्डा हवाई अड्डा के विस्तार हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ एमओयू किया गया है. रनवे को 9,000 फीट से बढ़ाकर 12,000 फीट किया जाएगा. साहेबगंज में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा निर्माण प्रस्तावित है.
गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए 24×7 एयर एंबुलेंस सेवा संचालित है, जिसकी दरों में 50 प्रतिशत की कटौती की गई है. इस योजना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान है. नागर विमानन क्षेत्र के लिए 138 करोड़ 63 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.
ऊर्जा
राज्य में 200 यूनिट प्रति माह मुफ्त बिजली योजना का लाभ लगभग 35 लाख उपभोक्ता ले रहे हैं. इस योजना के लिए 5 हजार 405 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. पतरातु सुपर थर्मल पावर प्लांट में नवंबर 2025 से 800 मेगावाट उत्पादन प्रारंभ हुआ है.
मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना हेतु 450 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान है. झारखंड बिजली वितरण निगम और झारखंड ऊर्जा संचरण निगम को क्रमशः 600 करोड़ और 1,500 करोड़ रुपये ऋण स्वरूप देने का प्रस्ताव है.
वर्ष 2026-27 में ऊर्जा क्षेत्र के लिए कुल 11 हजार 197 करोड़ 89 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.
यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, सामाजिक न्याय, पर्यावरण, ग्रामीण विकास, विमानन और ऊर्जा क्षेत्रों में व्यापक सुधार और समावेशी विकास की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है.

