गढ़वा: जिले के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में बुधवार की शाम सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया. रामनवमी के अवसर पर पारंपरिक मार्ग से जा रहे महावीर पताका जुलूस को रोके जाने के बाद दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई. यह तनाव रात लगभग एक बजे तक बना रहा और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल था.

जुलूस रोकने का कारण और प्रतिक्रिया
रमकंडा बिचला टोला के लोग कौआखोह शिव चबूतरा पर महावीर पताका स्थापित करने जुलूस के रूप में जा रहे थे. जैसे ही जुलूस त्रिवेणी चौक के पास पहुंचा, वहां के अन्य समुदाय के लोगों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया. विरोधियों ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोका और बज रहे डीजे को भी बंद कराया. आक्रोशित जुलूसधारी वहीं सड़क पर बैठ गए और धार्मिक नारेबाजी करने लगे. जवाबी नारेबाजी ने माहौल को और गर्म कर दिया.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई, जिससे बाजार क्षेत्र में डर फैल गया और लोग अपनी दुकानें बंद कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे. घटना की गंभीरता को देखते हुए रमकंडा थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद, रामभक्तों को पुलिस सुरक्षा में कौआखोह शिव चबूतरा तक पहुंचाया गया और विधिवत महावीर पताका स्थापित किया गया.
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विवाद अचानक नहीं हुआ. इससे पहले भी बाइक जुलूस को रोकने का प्रयास किया जा चुका था. हाल ही में रामनवमी और रमजान को लेकर शांति समिति की बैठक हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने का संकल्प लिया था, लेकिन पुरानी नाराजगी ने बुधवार को विवाद को जन्म दिया.
