गिरिडीह: भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हजारीबाग की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शनिवार को गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखंड के मनरेगा जूनियर इंजीनियर अंकुश कुमार को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
डोभा निर्माण के एवज में मांगी थी घूस:
जानकारी के अनुसार, धनवार प्रखंड के महेश कुमार साव ने अपने क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत डोभा (तालाब) का निर्माण कराया था. इस निर्माण कार्य का बकाया बिल पास करने और कागजी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए जेई अंकुश कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी. पीड़ित महेश कुमार साव ने बार-बार मिन्नतें कीं, लेकिन जेई बिना कमीशन के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने को तैयार नहीं था. थक-हारकर महेश ने इसकी शिकायत हजारीबाग स्थित एसीबी कार्यालय में कर दी
एसीबी की जाल में फंसे जेई:
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई इसके बाद जाल बिछाया गया. योजना के मुताबिक, शनिवार को जैसे ही महेश कुमार साव ने जेई अंकुश कुमार को रिश्वत के पैसे दिए, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया. जेई के पास से रिश्वत की वह राशि बरामद कर ली गई है, जिस पर केमिकल लगाया गया था
