हजारीबाग: झारखंड इस्पात फैक्ट्री हेसला अरगड्डा में हुए दर्दनाक फैक्ट्री हादसे के बाद सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है. झारखंड सरकार के श्रम नियोजन मंत्री संजय यादव स्वयं मृतकों के घर पहुंचे और प्रत्येक पीड़ित परिवार को 21-21 लाख रुपये मुआवजा राशि का वितरण किया. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि घटना की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी गई है और उनके निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है.
मंत्री ने घायलों से मुलाकात कर जाना उनका हाल
मंत्री ने कहा कि यह मुआवजा राशि सरकार के दबाव के कारण फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा दी गई है. उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और बयान के आधार पर गंभीर खुलासे किए. घायलों ने बताया कि फैक्ट्री में मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा था और अत्यधिक गर्म भट्ठी में काम करने को मजबूर किया जाता था. कई बार प्रबंधन को चेतावनी देने के बावजूद काम बंद नहीं कराया गया, जिसके कारण यह भयावह हादसा हुआ.
मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद और गंभीर बताते हुए कहा कि जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है. कमेटी की रिपोर्ट आते ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी.
ये रहे मौजूद
इस मौके पर विधायक ममता देवी, नगर परिषद उपाध्यक्ष रधीर गुप्ता, वार्ड पार्षद ललिता देवी, सुषमा देवी, उपसमाहर्ता गीतांजली कुमारी, गिरधारी गोप, आनंद बेदिया, पूर्व पार्षद गोपाल मुंडा, गरीबा भुईयां, गंगा बेदिया, बबलू बेदिया छोटन मुण्डा, दिलीप भुईया सुभाष यादव, बद्री विश्वकर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे. फिलहाल इस बड़े हादसे ने फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार सामने आ रही लापरवाहियां अब जांच के घेरे में हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है.
यह भी पढ़ें: जनता से जुड़ें, जमीन की हकीकत समझें, राज्यपाल का आइएएस प्रशिक्षुओं को सफलता का मंत्र
