गुमला : झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का दौरा, योजनाओं की जमीनी हकीकत से रूबरू हुए समिति के सदस्य

Gumla: झारखंड विधान सभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुमला का दौरा किया. दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन आज परिसदन, गुमला...

Gumla: झारखंड विधान सभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुमला का दौरा किया. दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन आज परिसदन, गुमला में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सत्येंद्र नाथ तिवारी (विधायक गढ़वा) ने की. इस दौरान समिति के सदस्य मंगल कालिंदी (विधायक जुगसलाई) और रोशन लाल चौधरी (बड़कागांव) भी उपस्थित रहे. बैठक में राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की स्थिति तथा जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों की व्यापक समीक्षा की गई. समिति ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए.

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प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों के नामांकन पर जोर

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन की स्थिति पर विशेष जोर दिया गया. समिति ने निर्देश दिया कि बीपीएल कोटे के अंतर्गत निर्धारित सीटों पर नामांकन प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूरी हो तथा पात्र परिवारों विशेषकर वार्षिक आय ₹75,000 से कम वाले को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े. विगत दो वर्षों में हुए नामांकन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया. साथ ही कौशल विकास के तहत बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित RSETI प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने पिछले बैच के प्रशिक्षित लाभुकों की सूची उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं परिणामों की जांच के लिए समिति गठित करने का निर्देश दिया गया.

लंबित मामले के निपटारे का निर्देश

अंचल प्रशासन से जुड़े मामलों में जनता दरबार के लंबित आवेदनों पर चिंता जताते हुए समिति ने कारणों की गहन समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा. तकनीकी कारणों से लंबित मामलों के समाधान के लिए भी ठोस पहल करने पर बल दिया गया. वहीं भवन निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा में लंबित परियोजनाओं पर नाराजगी जताई गई. समिति ने पूरे हो चुके भवनों के उपयोग, उद्घाटन एवं उनकी भौतिक स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो सके.

समिति ने मांगी प्रगति रिपोर्ट

PMFME , PMEGP योजना एवं विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की समीक्षा के दौरान वित्तीय वितरण (डिस्बर्समेंट) में आ रही बाधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया. समिति ने पिछले दो वर्षों की प्रगति रिपोर्ट मांगी और लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. वन विभाग के तहत वृक्षारोपण कार्यों की जमीनी सत्यापन की आवश्यकता पर बल देते हुए पिछले तीन वर्षों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया.

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सड़क निर्माण की धीमी प्रगति पर समिति ने जताई नाराजगी

सड़क निर्माण से जुड़े विभागों—विशेषकर पथ निर्माण एवं ग्रामीण सड़क निर्माण विभाग की समीक्षा में धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की गई. समिति ने लंबित सड़कों की सूची उपलब्ध कराने, कार्य में तेजी लाने तथा भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए. जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए पेयजल आपूर्ति की स्थिति एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत जानकारी ली गई. ग्रामीण विकास, विशेष प्रमंडल एवं जिला योजना से संबंधित योजनाओं की प्रगति का भी परीक्षण किया गया. साथ ही खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर समिति ने गंभीर रुख अपनाते हुए गड्ढों के भराव, भूमि के पुनर्वास एवं वृक्षारोपण कार्यों की समीक्षा की. 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए तथा संबंधित स्थलों का निरीक्षण करने की बात कही गई.

किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा

कृषि एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा की गई. वहीं परिवहन विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण की स्थिति एवं स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत PM-ABHIM योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई. श्रम विभाग की समीक्षा में अनाधिकृत श्रमिक पलायन के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने तथा पुनर्वास योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. वहीं मत्स्य विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई. खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल अधोसंरचना के विकास पर चर्चा की गई. बताया गया कि पालकोट प्रखंड को छोड़कर अन्य सभी प्रखंडों में खेल मैदान उपलब्ध हैं, जिस पर समिति ने शेष क्षेत्रों में भी सुविधाएं विकसित करने की आवश्यकता जताई. राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा में वित्तीय प्रगति, भूमि अधिग्रहण एवं भुगतान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त, डीसीएलआर गुमला, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे

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