गुमला: गुमला के बिशुनपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संघ की महिलाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर थाना चौक से हॉस्पिटल मोड़ तक रैली निकाली. इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की. रैली में शामिल महिलाओं ने हाथों में बैनर लेकर अपनी एकजुटता दिखाई और कहा कि सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है. रैली का आयोजन झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला एसोसिएशन एवं झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया/संयोजिका अध्यक्ष संघ, गुमला जिला बिशुनपुर प्रखंड कमेटी के तत्वावधान में किया गया.

महिलाओं को नहीं मिल रहा न्यूनतम वेतन
संघ की अध्यक्ष देवकी देवी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य है कि आज उन्हें अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार 60 वर्ष की उम्र पूरी करने पर महिलाओं को काम से हटा रही है, जबकि उन्हें न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार या तो रसोइयों से जितने दिन काम लिया है उसका न्यूनतम वेतन दे या फिर उनकी बीती हुई उम्र वापस कर दे.
मिड डे मील बनाने को शिक्षक और बच्चे विवश
देवकी देवी ने यह भी कहा कि आज विद्यालयों में मिड डे मील बनाने को शिक्षक और बच्चे विवश हो रहे हैं, जो व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि संघ की ओर से झारखंड के 81 विधायकों को मांग पत्र सौंपा गया है, लेकिन अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने उनकी समस्याओं को लेकर आवाज नहीं उठाई और न ही वार्ता का कोई प्रयास किया गया है. महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
इस मौके पर अनीता उरांव, आशा उरांव, आरती उरांव, चंदा देवी, जय मंत्री उरांव, रुबीना देवी, सुमन देवी, सुषमा देवी, पिंकी देवी, करमिता असुर सहित काफी संख्या में रसोइया महिलाएं उपस्थित थीं.
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