रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने भारी उद्योग निगम (HEC) की जमीनों के अवैध हस्तांतरण और गलत तरीके से हो रहे निबंधन का मामला प्रमुखता से उठाया. विधायक ने सदन को अवगत कराया कि जिस स्थान पर पहले से निर्माण हो चुका है, वहां की जमीनों का दोबारा रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल है.

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जमीन न जागीरदार की, न जमींदार की, फिर रसीद कैसे?
विधायक राजेश कच्छप ने भू-राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि NIC के पोर्टल से ऐसी जमीनों की लगान रसीदें निर्गत की जा रही हैं, जिनका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड अंचल कार्यालय में मौजूद नहीं है.
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सरकार ने कहा 3 महीने में पूरी होगी जांच
इस गंभीर मुद्दे पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने स्वीकार किया कि सदस्य द्वारा उठाया गया विषय बहुत ही संवेदनशील है. सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है. मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

