दिन में गर्मी, शाम को ठंड: बदलते मौसम में सेहत का रखें खास ख्याल

  News Desk: देश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है.कभी तेज धूप तो कभी अचानक...

 

News Desk: देश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है.कभी तेज धूप तो कभी अचानक ठंडक, इस उतार-चढ़ाव ने लोगों को उलझन में डाल दिया है कि आखिर किस तरह के मौसम के हिसाब से खुद को तैयार करें.

दोपहर की तेज धूप यह एहसास दिलाती है कि गर्मी पूरी तरह दस्तक दे चुकी है, लेकिन शाम होते-होते ठंडी हवाएं या अचानक बारिश मौसम का मिजाज बदल देती हैं. इस तरह का उतार-चढ़ाव लोगों की दिनचर्या और सेहत दोनों को प्रभावित कर रहा है.

ऐसे हालात में बार-बार बीमार पड़ना आम बात हो गई है, क्योंकि शरीर को इस बदलते मौसम के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल होती है. यही कारण है कि सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और हवा में Influenza और Respiratory Syncytial Virus (RSV) जैसे वायरस सक्रिय हैं.

इस मौसम में खुद को स्वस्थ रखने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं, इस पर Dr. Monica Mahajan (सीनियर डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स हेल्थकेयर, साकेत, नई दिल्ली) ने जरूरी सुझाव दिए हैं.

वायरल बुखार के बढ़ते मामले, डॉक्टरों ने बताए लक्षण और राहत के उपाय

डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच बुखार, बदन दर्द, नाक बहना, गले में जलन और खांसी जैसे लक्षण तेजी से सामने आ रहे हैं. यह स्थिति वायरल संक्रमण के बढ़ते असर की ओर इशारा करती है. ऐसे मामलों में आमतौर पर Paracetamol और सर्दी-खांसी से जुड़ी दवाओं से राहत दी जाती है, ताकि लक्षणों को नियंत्रित किया जा सके.

अगर आप या आपके बच्चे अस्वस्थ हैं, तो बेहतर है कि कुछ दिन घर पर ही रहें, ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले. खासतौर पर बच्चों को यह आदत जरूर सिखाएं कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा कम हो सके.

कब लें डॉक्टर की सलाह?

अधिकतर मामलों में आराम और सामान्य देखभाल से लोग ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर बुखार लगातार बना रहे, बलगम का रंग पीला या हरा हो जाए, सांस लेने में दिक्कत हो, सीने में दर्द या घरघराहट महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. ये संकेत Pneumonia जैसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं.

खास तौर पर Asthma, Diabetes और दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के साथ-साथ धूम्रपान करने वालों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.

पेट के संक्रमण और पीलिया के बढ़ते मामले

मौसम में गर्मी बढ़ते ही पेट से जुड़ी बीमारियां तेजी से सामने आने लगती हैं. उल्टी-दस्त और Hepatitis A व Hepatitis E जैसे संक्रमण के मामले इस दौरान बढ़ जाते हैं.

डायरिया में रखें पानी की कमी का ध्यान

डायरिया के दौरान शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ी समस्या बनती है. ऐसे में ओआरएस, नींबू पानी, नारियल पानी और सूप का सेवन करते रहना जरूरी है. अगर ज्यादा कमजोरी महसूस हो, आंखें धंसी हुई लगें या पेशाब कम हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

पीलिया में लापरवाही पड़ सकती है भारी

पीलिया आमतौर पर गंदे पानी और खुले में बिकने वाले खाने से फैलता है. इस स्थिति में घरेलू नुस्खों या झाड़-फूंक पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. सही इलाज के लिए डॉक्टर की निगरानी जरूरी है, क्योंकि लापरवाही करने पर यह Liver Damage जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकता है.

मच्छरों से बढ़ा संक्रमण का खतरा, लक्षण दिखते ही बरतें सावधानी

बेमौसम बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है. तेज बुखार, सिरदर्द और जोड़ों में दर्द इसके आम लक्षण हैं.

ऐसे संकेत मिलते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है और घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने से बचना चाहिए. गंभीर लक्षण दिखने पर अस्पताल में इलाज जरूरी हो सकता है.

बचाव ही सबसे बेहतर उपाय

डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर वायरल बीमारियों का कोई निश्चित इलाज नहीं होता और उपचार लक्षणों को कम करने पर आधारित होता है.

ऐसे में संतुलित आहार लें, मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, मच्छरों से बचाव करें और साफ पानी पिएं. साथ ही Influenza से बचने के लिए हर साल फ्लू वैक्सीन लगवाना भी जरूरी माना जाता है.

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