NewsWave Desk: दुनिया में जब भी युद्ध, महामारी या कोई बड़ी आपदा आती है तो उसका असर केवल सीमाओं या खबरों तक सीमित नहीं रहता. सबसे पहले झटका पड़ता है अर्थव्यवस्था पर, और उसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर दिखने लगता है. ऐसे समय में घबराने के बजाय समझदारी से वित्तीय योजना बनाना बहुत जरूरी होता है.

1. सबसे पहले बनाएं इमरजेंसी फंड
किसी भी संकट के समय सबसे बड़ी ताकत होती है बचत. हर व्यक्ति को कोशिश करनी चाहिए कि कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड अलग रखें. यह पैसा बैंक सेविंग अकाउंट या लिक्विड फंड में रखा जा सकता है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल हो सके.
2. अनावश्यक खर्चों पर लगाएं ब्रेक
संकट के समय जीवनशैली थोड़ी सादी रखना ही समझदारी होती है.
• महंगी खरीदारी
• लग्जरी खर्च
• गैरजरूरी सब्सक्रिप्शन
इन सब पर अस्थायी रोक लगाने से आर्थिक दबाव काफी कम हो सकता है.
3. कर्ज से दूरी बनाए रखें
युद्ध या आर्थिक अनिश्चितता के दौर में नए कर्ज लेने से बचना चाहिए. क्योंकि अगर आय में कमी आ जाए तो EMI का बोझ बढ़ सकता है. पहले से चल रहे कर्ज को धीरे-धीरे कम करने की कोशिश करना बेहतर रहता है.

4. निवेश (investment) को घबराकर न बेचें
ऐसे समय में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है. कई लोग डरकर अपने निवेश तुरंत बेच देते हैं, जो अक्सर नुकसानदायक साबित होता है. अगर निवेश लंबी अवधि के लिए किया गया है तो धैर्य रखना ही बेहतर रणनीति होती है.
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5. जरूरी चीजों का सीमित स्टॉक रखें
आपदा के समय जरूरत की चीजों का थोड़ा अतिरिक्त स्टॉक रखना ठीक है, लेकिन पैनिक में जरूरत से ज्यादा खरीदारी करना न तो सही है और न ही समाज के लिए अच्छा.
6. बीमा को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा ऐसी सुरक्षा हैं जो संकट के समय परिवार को आर्थिक झटके से बचा सकती हैं. इसलिए बीमा पॉलिसी का होना और उसका समय पर नवीनीकरण करना बहुत जरूरी है.
7. आय के अतिरिक्त स्रोत पर सोचें
आज के दौर में केवल एक आय पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है.
• फ्रीलांस काम
• छोटा ऑनलाइन बिजनेस
• नई स्किल सीखना
ये सब भविष्य में आर्थिक सुरक्षा दे सकते हैं
युद्ध या किसी भी बड़े संकट के समय सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है धैर्य और आर्थिक अनुशासन. घबराकर फैसले लेने के बजाय अगर लोग बचत, संतुलित खर्च और दीर्घकालिक निवेश की रणनीति अपनाएं, तो कठिन समय को भी काफी हद तक संभाला जा सकता है. हमेशा ध्यान रखें की किसी भी फाइनेंसियल फैसले को लेने से पहले अपने फाइनेंसियल एडवाइजर या एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें.

