आज से झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू: राज्यपाल देंगे अभिभाषण, 24 फरवरी को पेश होगा 2026-27 का बजट

रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आधिकारिक तौर पर आज यानि बुधवार से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल...

vidhan sabha jharkahnd
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रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आधिकारिक तौर पर आज यानि बुधवार से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल अपने अभिभाषण के माध्यम से सदन के पटल पर सरकार की अब तक की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड रखेंगे और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश करेंगे.

सत्र का पूरा शेड्यूल और कार्य दिवस:

यह बजट सत्र 19 फरवरी तक के प्रारंभिक औपचारिकताओं के साथ आगे बढ़ेगा और इसमें कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं, हालांकि, इस बीच लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है. राज्य में होने वाले निकाय चुनावों के मद्देनजर 23 फरवरी को सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी. विधानसभा अध्यक्ष ने निर्णय लिया है कि निकाय चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, अतः सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उपस्थित रहेंगे.

24 फरवरी बजट का बड़ा दिन:

सत्र का सबसे प्रतीक्षित दिन 24 फरवरी होगा. इसी दिन हेमंत सोरेन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार के बजट में निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है, जिनमें सड़कों और पुलों का जाल बिछाना, नई सुविधाओं और संस्थानों का सुदृढ़ीकरण,युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन.

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सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति:

सत्र को शांतिपूर्ण और सार्थक बनाने के उद्देश्य से विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई. इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के दिग्गज शामिल हुए थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और अन्य दलों के विधायक दल के नेता शामिल थे.सभी दलों ने निकाय चुनाव के दिन सदन स्थगित रखने के फैसले पर सहमति जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया.

अधिकारियों को सख्त निर्देश:

स्पीकर ने राज्य के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर यह स्पष्ट किया है कि सदन में पूछे जाने वाले सवालों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. गृह सचिव वंदना दादेल और अन्य सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित सवालों का निस्तारण तुरंत करें. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विधायकों द्वारा उठाए गए क्षेत्रीय मुद्दों पर विभाग समय पर और सटीक जवाब दें.

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