रांची: झारखंड में सरकारी ट्रेजरी से अवैध निकासी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राज्य प्रशासन और वित्त विभाग की नींद उड़ा दी है. बोकारो ट्रेजरी से शुरू हुआ यह मामला अब हजारीबाग तक पहुंच गया है और इसकी कार्यशैली कुछ हद तक बहुचर्चित चारा घोटाले की याद दिला रही है.पिछले 10 वर्षों में केवल बोकारो से ही 15 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी की बात सामने आई है. इस मामले में हजारीबाग डीसी ने न्यूज वेव झारखंड से बात करते हुए कहा कि इस मामले में अपर समाहर्ता के नेतृत्व में जांच कमिटी बनाई गई है.
हजारीबाग ट्रेजरी में भी करोड़ों के गबन का पर्दाफाश हुआ है:
बोकारो मामले के खुलासे के बाद अब हजारीबाग ट्रेजरी में भी करोड़ों के गबन का पर्दाफाश हुआ है.दिलचस्प बात यह है कि इस खेल में भी पुलिस विभाग के ही लोग शामिल पाए गए हैं. हजारीबाग पुलिस ने इस मामले में दो पुलिसकर्मियों, शंभू और पंकज को हिरासत में लिया है. प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन दोनों ने ठीक उसी तरह जालसाजी की जैसे बोकारो के कुख्यात एकाउंटेंट कौशल पांडेय ने की थी. हजारीबाग के डीसी फिलहाल इस पूरे मामले की सघन जांच कर रहे हैं.
बोकारो में रिटायर्ड जवान के नाम पर 4.29 करोड़ का खेल:
बोकारो ट्रेजरी में जालसाजी का स्तर देखकर अधिकारी भी हैरान हैं. यहां एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी, उपेंद्र सिंह के वेतन मद का उपयोग कर।4.29 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई. जांच में मुख्य आरोपी के रूप में एकाउंटेंट कौशल पांडेय का नाम सामने आया है. कौशल पांडेय और उनकी पत्नी के बैंक खातों में भारी-भरकम राशि ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं, जिसके बाद पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है.
