झारखंड: ग्रामीण कार्य विभाग में करोड़ों का कमीशन खेल, ईडी ने 14 और इंजीनियरों को बनाया आरोपी

रांची: झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग में कमीशन मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी...

रांची: झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग में कमीशन मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने कोर्ट में कोर्ट में पांचवीं सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है. इसके साथ अब इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या 36 तक पहुंच गई है. ईडी की तरफ से जानकारी देते हुए कहा गया कि ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विशेष क्षेत्र और झारखंड राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के 14 विभागीय इंजीनियरों और अधिकारियों को नए आरोपी के रूप में शामिल किया है. इनमें से कई अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं.

इन 14 विभागीय इंजीनियरों और अधिकारियों को ईडी ने बनाया नए आरोपी:

– मुख्य अभियंता (रिटायर्ड): सिंगराई टुटी, राजीव लोचन, सुरेंद्र कुमार और प्रमोद कुमार.

– कार्यपालक अभियंता: संतोष कुमार, अजय कुमार, अजय तिर्की, राज कुमार टोप्पो, अशोक कुमार गुप्ता, सिद्धांत कुमार और अनिल कुमार (रिटायर्ड).

– पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ उमेश कुमार और सहायक अभियंता राम पुकार राम व रमेश ओझा.

तीन प्रतिशत फिक्स्ड कमीशन का खेल, आलमगीर आलम को मिलता था 1.35 %:

ईडी की जांच में संगठित कमीशन रैकेट का खुलासा हुआ है. ईडी जांच के अनुसार, झारखंड के इन विभागों में टेंडर आवंटन के बदले ठेकेदारों से कुल टेंडर मूल्य का तीन प्रतिशत हिस्सा रिश्वत के रूप में वसूला जाता था. रिश्वत का बंटवारा 1.35 प्रतिशत हिस्सा तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम को (उनके पीएस संजीव लाल के जरिए) मिलता था. 0.65% से प्रतिशत हिस्सा: विभागीय सचिव को इसके अलावा बाकी हिस्सा मुख्य इंजीनियरों और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों के बीच बाँटा जाता था. ईडी के मुताबिक, लगभग 3,048 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटित किए गए थे, जिसमें से ‘अपराध की कमाई 90 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है.

व्यापक स्तर पर छापेमारी और कुर्की कर चुकी है ईडी:

इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच एजेंसी अब तक व्यापक स्तर पर छापेमारी और कुर्की कर चुकी है. छापेमारी के दौरान 38 करोड़ रुपये नगद बरामद किए गए, जिसमें मंत्री के पीएस संजीव लाल के करीबियों से मिले 32.20 करोड़ रुपये शामिल हैं. साथ ही आठ लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गई हैं. इस मामले में अब तक नौ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीएस संजीव कुमार लाल फिलहाल जेल में हैं.

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