– लगातार छापेमारी से ड्रग्स नेटवर्क पर चोट, पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में आई गिरावट, हजारीबाग, रामगढ़ समेत कई जिलों में पुलिस की विशेष निगरानी
रांची: झारखंड में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान छेड़ रखा है. लगातार छापेमारी और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों का असर अब आंकड़ों में भी दिखने लगा है. नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत कार्रवाई तेज होने के बावजूद पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में कमी आई है. सरकार के अनुसार राज्य के कई जिलों में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाया है. कई जगहों पर तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं. पुलिस का दावा है कि लगातार कार्रवाई से ड्रग्स के नेटवर्क को तोड़ने में सफलता मिल रही है. विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि हाल के वर्षों में एडीपीएस एक्ट के तहत सैकड़ों मामले दर्ज किए गए और हजार से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है। हालांकि 2024 की तुलना में 2025 में दर्ज मामलों की संख्या में कमी देखी गई है, जिसे पुलिस की सक्रिय कार्रवाई का असर माना जा रहा है.

तीन साल में एनडीपीएस के दर्ज मामले और गिरफ्तारी:
साल मामला गिरफ्तारी
2023 529 773
2024 903 1062
2025 782 994
इन जिलों में आई है ज्यादा शिकायतें:
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मामलों की संख्या के आधार पर ड्रग्स के प्रसार का आकलन करना सही नहीं होगा, क्योंकि कई बार सघन अभियान के दौरान अधिक मामले दर्ज होते हैं. इसके बावजूद पुलिस लगातार ड्रग्स के नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है. राज्य के कुछ जिलों में नशे के कारोबार की शिकायतें ज्यादा सामने आई हैं. खासकर हजारीबाग, रामगढ़ के पतरातु और केरेडारी क्षेत्र में युवाओं के नशे की चपेट में आने की आशंका जताई गई थी. इसके बाद पुलिस ने इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू की. छापेमारी अभियान के दौरान कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया और मादक पदार्थ बरामद किए गए. पुलिस का कहना है कि इन इलाकों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी ताकि नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके.
पुलिस की रणनीति: तीन स्तर पर कार्रवाई:
– ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस ने बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है.
– खुफिया निगरानी: संदिग्ध नेटवर्क और सप्लाई चेन पर नजर.
– छापेमारी अभियान: जिलों में लगातार रेड कर तस्करों की गिरफ्तारी
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए चल रहा है अभियान:
सरकार के अनुसार जून 2025 में राज्यव्यापी अभियान चलाकर हजारों जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थाओं को शामिल किया गया.

