Lohardaga: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महिला मोर्चा को मजबूत करने और संगठन का विस्तार गांव-गांव तक करने के उद्देश्य से कुडु प्रखंड क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष राधा तिर्की ने की, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.
संगठन मजबूती पर जोर
बैठक में संगठन को प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया. इसी क्रम में कुडु प्रखंड के पश्चिमी भाग के लिए नई कमिटी का गठन सर्वसम्मति से किया गया.
नई कमिटी का गठन
नवगठित कमिटी में सावित्री उरांव को अध्यक्ष और राधिका उरांव को सचिव बनाया गया. इसके अलावा पूनम कुमारी और बसंती उरांव को उपाध्यक्ष, दुर्गी उरांव को कोषाध्यक्ष तथा बालमणि भगत और अमृता कुमारी को सहायक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई.
महिलाओं की भागीदारी पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राधा तिर्की ने कहा कि झामुमो हमेशा से महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सामाजिक विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देता रहा है. उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए हर स्तर पर महिलाओं की भागीदारी जरूरी है. उन्होंने जानकारी दी कि पश्चिमी भाग के बाद जल्द ही कुडु प्रखंड के पूर्वी भाग में भी चुनाव कराकर नई कमिटी का गठन किया जाएगा.
नेतृत्व और विचारधारा पर चर्चा
केंद्रीय समिति सदस्य नीरू शांति भगत ने पार्टी के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के आदर्शों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि महिलाओं को एकजुट होकर पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना होगा और आगामी चुनावों में मजबूती से भागीदारी निभानी होगी.
महिला मोर्चा हो रहा सशक्त
पार्टी नेता जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि महिलाओं का पार्टी से जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है, जो झामुमो की नीतियों और नेतृत्व पर उनके विश्वास को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि कल्पना सोरेन के नेतृत्व में महिला मोर्चा और अधिक सशक्त हो रहा है और आने वाले समय में लोहरदगा में पार्टी हर चुनाव में मजबूती के साथ जीत हासिल करेगी.
नव पदाधिकारियों का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में नव नियुक्त पदाधिकारियों को फूल-माला और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. बैठक का संचालन जिला सचिव सरस्वती कच्छप ने किया.
कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस मौके पर मीना भगत, शिला देवी, अनिशा उरांव, कुलदीप एक्का, सोनम कुमारी, मुनि उरांव, शांति उरांव, मनोहरला उरांव, शुभी उरांव, सीता उरांव, सुनीता उरांव, मिलका खाखा, सूरजमणि, पूजा कुमारी, राजमुनी, सुरेश उरांव, सातों उरांव, बारी उरांव, विनीता देवी, रीति उरांव, सुशीला लोहरा सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
