News Desk:अधिकतर लोग अपने किचन में PNG या LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से LPG की सप्लाई समय पर नहीं हो रही है. ऐसे में कई लोग इंडक्शन चूल्हा का इस्तेमाल करने का सोच रहे हैं या पहले ही इस्तेमाल कर चुके हैं.इलेक्ट्रिसिटी से चलने वाला इंडक्शन चूल्हा LPG का अच्छा ऑप्शन बन सकता है,लेकिन सवाल यह उठता है कि आपके लिए इंडक्शन LPG से सस्ता है या महंगा? आइए देखते है कौन सा ऑप्शन बेहतर है.

इंडक्शन चूल्हा या गैस: एनर्जी बचत के लिए कौन बेहतर?
गैस चूल्हे में केवल लगभग 40% एनर्जी खाना पकाने में काम आती है,बाकी की लगभग 60 % बर्बाद हो जाती है.वहीं दूसरी ओर इंडक्शन चूल्हा 90% तक एफिशिएंट है. यह मैग्नेटिज्म के जरिए बरतन को सीधे गर्म करता है, जिससे आसपास की हवा गर्म नहीं होती है और एनर्जी की बर्बादी बिल्कुल ही नहीं होती है.
इस तरह, एनर्जी बचत और जल्दी खाना पकाने के लिए इंडक्शन गैस की तुलना में बेटर ऑप्शन है.
इंडक्शन और गैस: कौन सा है सबसे किफायती विकल्प?
अगर तुलना की जाए तो एक पूरे सिलेंडर के बराबर गर्मी पैदा करने के लिए इंडक्शन लगभग 78 यूनिट बिजली इस्तेमाल करता है.वर्तमान में बिजली के रेट के हिसाब से खाना पकाने का खर्च लगभग ₹600-700 आता है, जो LPG सिलेंडर की कीमत से कम है.इससे महीने भर के बजट में अच्छी बचत हो सकती है.
इंडक्शन चूल्हा: शुरुआती खर्च और एक्स्ट्रा पैसे
इंडक्शन इस्तेमाल करने के लिए शुरुआत में ₹2,000-₹4,000 में कुकटॉप लेना पड़ता है, जो गैस चूल्हे के लगभग बराबर ही है. साथ ही, इंडक्शन के लिए स्टेनलेस स्टील या फ्लैट-बॉटम पैन पर भी कुछ हजार रुपए का एक्स्ट्रा खर्च आएगा.
क्यों है इंडक्शन बेटर ऑप्शन?
शुरुआत में नया इंडक्शन चूल्हा और बर्तन खरीदने में थोड़ा खर्च करना पड़ता है, लेकिन बिजली की कम खपत की वजह से एक नॉर्मल फैमिली साल भर में अपने खर्च की भरपाई कर लेता है.
इंडक्शन के कुछ और फायदे:

- रसोई ठंडी रहती है.
- साफ करना बहुत आसान है.
- वेंटिलेशन और सफाई का खर्च और मेहनत कम होती है.
- लंबे समय में, इंडक्शन आपके बजट के लिए फायदेमंद है.
