रांची/धनबाद: रांची और धनबाद पुलिस की ज्वाइंट ऑपरेशन में जिस कुबेर को गोली लगी वह प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह के बीच का मजबूत कड़ी था. वर्तमान में प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के द्वारा एक साथ मिलकर गिरोह चलाया जा रहा है. दोनों के बीच का मजबूत कड़ी था कुबेर. इसके द्वारा ही एक केएसएस नाम का संगठन बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से कारोबारियों को धमकी देने और रंगदारी मांगने का काम किया जाता था. गौरतलब है कि धनबाद के केंदुआडीह बस्ती के पास भागाबांध ओपी क्षेत्र में पुलिस–प्रिंस खान गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई. सोमवार की सुबह हुई इस मुठभेड़ में दो अपराधियों को लगी गोली,एक भागते समय घायल हुआ है. जिनमें कुबेर, विक्की डोम और अमन अफजल शामिल है. तीनों अपराधियों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.

प्रिंस खान का नाम सदन में गुंजा, सरकार ने कहा था गुर्गे को चुनचुन कर मारा जा रहा
झारखंड के कई जिलों में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का नाम आतंक का पर्याय बन गया है. शनिवार को झारखंड विधानसभा में भी प्रिंस खान को लेकर विपक्ष के द्वारा कई तीखे सवाल सरकार से किए गए थे. प्रिंस खान द्वारा लगातार व्यवसायियों और व्यापारियों को धमकी देने का मामला बजट सत्र के दौरान विधानसभा में भी गूंजा. सदन में सरकार को गृह विभाग के सवालों पे जवाब देना था. प्रिंस खान का मुद्दा खुद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाया. उन्होंने सदन में कहा कि प्रिंस खान दुबई और उसके पास के इलाकों से अपने गुर्गों के जरिए गैंग ऑपरेट करता है और दहशत फैलाकर वसूली का सम्राज्य चलाता है. इसपर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि प्रिंस खान के प्रत्यर्पण के लिए रेड कॉनर्र नोटिस जारी किया गया है. उसके गुर्गों को चुनचुन कर मारा जा रहा है.

