रांची: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने झारखंड विधानसभा में अपने गैर-सरकारी विधेयक “झारखंड भू विरासत (जीवाश्म) विधेयक 2026” को पेश नहीं किए जाने पर गहरी निराशा जताई है. उन्होंने कहा कि उन्हें आखिरी दिन तक उम्मीद थी, कि उनका विधेयक सदन में रखा जाएगा, लेकिन सत्र खत्म होने तक ऐसा नहीं हो सका.

इसको लेकर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को दो बार पत्र लिखा था. पहला पत्र 20 जनवरी 2026 तो वहीं दूसरा पत्र 13 मार्च को. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि नियमों के अनुसार अब तक इस पर फैसला हो जाना चाहिए था, लेकिन डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया.
अभी तक कोई मजबूत कानून नहीं
सरयू राय का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते यह उनका अधिकार है, कि उनके विधेयक को सदन में पेश करने की अनुमति मिले. उन्होंने बताया कि झारखंड के कई इलाकों, खासकर राजमहल की पहाड़ियों में दुर्लभ जीवाश्म मिल रहे हैं, जो राज्य की अमूल्य धरोहर हैं. साहेबगंज में इसके लिए जीवाश्म पार्क भी बनाया गया है.
लेकिन इन धरोहरों को बचाने के लिए अभी तक कोई मजबूत कानून नहीं है और मानव गतिविधियों से इन्हें नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ रहा है. इसी कारण उन्होंने यह विधेयक लाया था, ताकि जीवाश्मों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जा सके.
यह भी पढ़ें: बोकारो: ईएसएच इस्पात फैक्ट्री मालिक से मांगी गई रंगदारी

