Lohardaga: एमएलए महिला कॉलेज लोहरदगा में गुरुवार को महान हिंदी साहित्यकार और यात्रा वृतांत के जनक महापंडित राहुल सांकृत्यायन की जयंती मनाई गई. छात्राओं को केदारनाथ पांडेय से राहुल सांकृत्यायन बनने तक की इस महान साहित्यकार की यात्रा, साहित्यिक कृतियों और उपलब्धियों से अवगत कराया गया.
साहित्यिक यात्रा और उपलब्धियां
बताया गया कि मदरसे से अपनी शिक्षा की शुरुआत करने वाले राहुल सांकृत्यायन ने दुनिया के कई देशों की यात्रा की, वहां की भाषाएं सीखी और अपने अनुभव और ज्ञान को अपनी रचनाओं में अभिव्यक्त किया. 36 से अधिक भाषाएं जानने वाले राहुल सांकृत्यायन असाधारण व्यक्तित्व थे. जिन्होंने कई देशों से भारत का बौद्धिक और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत करने का काम किया.
प्रमुख कृतियों का उल्लेख
‘मेरी तिब्बत यात्रा’ और ‘वोल्गा से गंगा’ जैसी किताबें तिब्बत और रूस की उनकी यात्रा का अद्भुत और जीवंत वर्णन करती हैं. बौद्ध धर्म और साहित्य की उन्हें गहरी समझ थी. आज के दौर के छात्र-छात्राओं को राहुल सांकृत्यायन से प्रेरणा लेनी चाहिए. ज्ञान प्राप्ति के लिए हर संभव कदम उठाना चाहिए. मौके पर विज्ञान और कला संकाय की तमाम छात्राएं मौजूद थीं.
